सेठ किरोड़ीमल ट्रस्ट ने केलो प्रवाह को भेजा 1 करोड़ रूपए के मानहानि का नोटिस

  • मोड़ा ने कहा-ट्रस्ट की छवि हो रही धूमिल, दानवीर सेठ की समाधि की बदहाली पर कुछ नहीं लिखा

रायगढ़, । सेठ किरोड़ीमल चैरिटेबल ट्रस्ट में चल रही मनमानियों को उजागर करने पर ट्रस्टी राजेश मोड़ा ने केलो प्रवाह को अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा है कि केलो प्रवाह की भ्रामक खबरों की वजह से ट्रस्ट की बदनामी हो रही है। उन्होंने 15 दिनों के अंदर लिखित क्षमा मांगने को कहा है अन्यथा विधिक कार्यवाही की चेतावनी केलो प्रवाह को दी है। दानवीर सेठ किरोड़ीमल लुहारीवाला की संपत्तियों का जनहित के बजाय मनमानीपूर्वक किए जा रहे इस्तेमाल पर ट्रस्टी राजेश मोड़ा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कार्यवाही शुरू की है। उन्होंने केलो प्रवाह को नोटिस देते हुए कहा है कि झूठा लांछन लगाने के लिए अपमानजनक समाचार प्रकाशित किया जा रहा है। पिछले एक महीने से लगातार समाचार प्रकाशित किए जा रहे हैं।

राजेश मोड़ा ने नोटिस में कहा है कि बिना कोई पूछताछ किए एकतरफा ढंग से विद्वेषपूर्वक असत्य कथनों का प्रकाशन किया है। 15 अगस्त 2026 को प्रकाशित समाचार नाम ट्रांसफर में 35 लाख की डील, कसे पूर्णत: असत्य, भ्रामक, अपमान जनक कहा है। इससे ट्रस्ट की छवि धूमिल हो रही है। इसी तरह 24 अगस्त को प्रकाशित समाचार में प्रकाशित वाक्य, संस्था का हर साल ऑडिट नहीं होता, दान में मिली जमीन को बेच दिया गया, इत्यादि को भी अपमानजनक और भ्रामक माना है। 20 सितंबर को प्रकाशित जूट मिल इलाके में ट्रस्ट की राइस मिल भी बिकी, समाचार को पूर्ण रूप से गलत, दुर्भावनापूर्ण कहा है।

राजेश मोड़ा का कहना है कि इस समाचार में बिल्कुल भी सत्यता नहीं है। सच्चाई यह है कि जूट मिल इलाके की संपत्ति को खाली कराने के लिए मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। किराएदारों से संपत्ति को खाली कराने के लिए राजेश मोड़ा ने मामला प्रस्तुत किया है। बिना तथ्यों को सत्यापित किए विभिन्न शीर्षकों से जो समाचार विगत एक महीने से प्रकाशित किए जा रहे हैं, उससे ट्रस्ट की बदनामी हो रही है। इन समाचारों को सोशल मीडिया में भी प्रसारित कराया गया है, जो आपत्तिजनक है। राजेश मोड़ा का कहना है कि इससे ट्रस्ट के संस्थापक सेठ किरोड़ीमल जी की बदनामी हो रही है।

15 दिनों के अंदर माफी मांगने का अल्टीमेटम
राजेश मोड़ा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कहा है कि नोटिस मिलने के 15 दिनों के अंदर प्रकाशित अपमानजनक व असत्य खबरों का खंडन करें। उसके लिए लिखित में क्षमा मांगें। भविष्य में बिना सत्यापन किए खबरों का प्रकाशन बंद करें। अन्यथा धारा 356, 351 भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत सक्षम न्यायालय में दांडिक कार्यवाही की जाएगी। राजेश मोड़ा ने एक करोड़ रुपए का क्षतिपूर्ति दावा न्यायालय में प्रस्तुत करने की चेतावनी दी है। इसके परिणाम और नोटिस के खर्च 10 हजार रुपए के भी देनदार होंगे।

केलो प्रवाह का उद्देश्य, सेठजी की संपत्ति का दुरुपयोग रुके
केलो प्रवाह ने अब तक प्रकाशित समाचारों में कभी किसी भी ट्रस्टी का नाम उल्लेखित नहीं किया है। ट्रस्ट का मूल उद्देश्य जनसेवा था। इसके लिए ट्रस्ट की संपत्तियों का उपयोग किया जाना था। जो नहीं हो रहा है। केलो प्रवाह का उद्देश्य है कि दानवीर सेठ किरोड़ीमल की संपत्तियों का लाभ आम जनता के हित में हो। वर्तमान में एक भी काम जनहित के लिए नहीं हो रहा है।

समाधि की बदहाली पर कुछ नहीं बोले
राजेश मोड़ा ने तीन दिनों में प्रकाशित समाचारों पर आपत्ति जताई है। सेठ किरोड़ीमल की समाधि की दुर्गति होने के विषय में एक लाइन भी नहीं कही। केलो प्रवाह ने इसकी भी खबर प्रकाशित की थी। सच यह है कि सेठ किरोड़ीमल जी की समाधि स्थल को डॉग शेल्टर बनाया जा चुका है। बीमार कुत्तों को यहां रखा जाता है। पूरे समाधि परिसर में कुत्ते गंदगी फैला रहे हैं। सेठजी की समाधि के ऊपर भी कुत्ते आराम करते हैं।

कोकड़ीतराई में सामने आ रही सच्चाई
कोकड़ीतराई में सेठ किरोड़ीमल ट्रस्ट को दान में मिली 15 जमीन पर ट्रस्ट को अस्पताल, स्कूल आदि बनाना था। राजस्व अभिलेखों में भूमि ट्रस्ट के नाम पर ही है, लेकिन 70 प्रश भाग पर कब्जा हो चुका है। खसरा नंबर 48, 49, 50, 61/1, 61/2, 64/1, 64/2, 59, 60, 62/1, 62/2, 65, 166, 168/2, 170 कुल 15 खसरे रकबा 6.008 हे. किरोड़ीमल धर्मादा ट्रस्ट के नाम पर है। सोचिए कि ट्रस्ट पदाधिकारियों की सहमति के 15 एकड़ जमीन पर कोई कैसे कब्जा कर लेगा। राजस्व विभाग ने जांच की तो पता चला कि गोपाल ट्रेडिंग कंपनी के संचालक अलग कुमार गुप्ता ने इस जमीन को लीज पर लिया है।

सभी पुराने लोगों से मरम्मत के रूप में गोपाल ट्रेडिंग कंपनी की रसीद देकर किराया वसूला जा रहा है। न्यास के मूल उद्देश्यों के विपरीत भूमि का अवैध अंतरण या बिना लिखा-पढ़ी के संपत्तियां बेचना अवैधानिक है। कलेक्टर ने सेठ किरोड़ीमल धर्मादा ट्रस्ट के पदाधिकारियों को संपूर्ण मूल दस्तावेजों, गोपाल ट्रेडिंग कंपनी से अनुबंध दस्तावेज, किरायानामा, आय-व्यय का ब्यौरा आदि लेकर 18 सितंबर को उपस्थित होने को कहा था।

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