
दुर्ग/ राष्ट्रीय मछुवारा संघ के पदाधिकारी आज संघ के उपाध्यक्ष दिवंगत श्री लोकनाथ धीवर जी के निवास स्थान पहुंचकर उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए इस दुख की घड़ी में पूरी एकजुटता के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति
शोक सभा के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने स्व. लोकनाथ धीवर जी के व्यक्तित्व और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि लोकनाथ धीवर जी का इस तरह असमय हम सबके बीच से चले जाना केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मछुवारा संघ और पूरे समाज के लिए एक बहुत बड़ी और कभी न पूरी होने वाली क्षति है।
मार्गदर्शन और प्रेरणा के प्रतीक
पदाधिकारियों ने साझा किया कि श्री लोकनाथ धीवर जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा में समाज ने हमेशा एकजुटता और प्रगति की राह पर कदम बढ़ाया। समाज को संगठित करने, मछुआरा वर्ग के अधिकारों की आवाज उठाने और सामाजिक हितों को आगे बढ़ाने में उनका योगदान हमेशा अविस्मरणीय रहेगा। उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस दुखद अवसर पर राष्ट्रीय मछुवारा संघ के पदाधिकारी श्रीमती गायत्री गायग्वाल, बुधराम धीवर, मनहरण धीवर, रूपचंद धीवर, विष्णु निषाद, हेमंत धीवर, सरस धीवर, गणेश धीवर, महेंद्र धीवर, शरद बर्मन, तारामती सहित समाज के अन्य सम्मानित पदाधिकारी व सदस्य शामिल रहे।



