रायगढ़ । अगारिया जनजाति के लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए उनका लिपिकीय त्रुटि के कारण लोहार, चोक व चोख के नाम से जारी हो रहे जाति प्रमाण पत्र के स्थान पर उनकी वास्तविक जनजाति अगारिया दर्ज कर जाति प्रमाण पत्र जारी करने की गुहार लगाई है। सोमवार को जनदर्शन कार्यक्रम में अगारिया जनजाति के सदस्यों ने जिला कार्यालय पहुंच कर जाति प्रमाण पत्र में सुधार करने को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
उन्होने ज्ञापन देते हुए बताया कि हमारे समाज के लोग प्रचील काल से रायगढ़ जिले में निवास करते आ रहे हैं और संविधान के तहत अगारिया अनुसूचित जनजाति के रूप में पंजीकृत है। चूंकि अगारिया समाज के लोग मूलत: लौह अयस्क से लोहा गलाने का कार्य करते हैं लिहाजा आम बोल-चाल में उन्हे लोहार बोलने की वजह से पूर्व में स्थानीय स्तर पर शासकीय अभिलेखों में जाति लोहार लिख दिया गया है। इसके साथ ही औजार को धार करने का काम भी उनके द्वारा किया जाता है जिससे उन्हे स्थानिय बोली में चोक अथवा चोख भी कहा जाता है।
वहीं, पूर्व में समाज के कम पढ़े लिखे लोग होने की वजह से इस बात की जानकारी का उनमें अभाव होने के कारण पूर्व में मिसल बंदोबस्त, राजस्व सर्वे व राशन कार्ड बनाते समय तत्कालीन शासकीय कर्मचारियों व सर्वेक्षेेकों ने जो नाम दर्ज किया उस पर किसी के द्वारा आपत्ति नहीं जताई गई। लिपिकीय त्रुटि के कारण वर्तमान में अगारिया जनजाति के पढ़ रहे बच्चों का स्थायी जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ी उच्च शिक्षा प्राप्त करने व छात्रवृत्ति तथा शासकीय सेवाओं के लाभ से वंचित हो रही है। उन्होंने कलेक्टर से मुल अगारिया जनजाति परिवारों का भू-अभिलेखों व राशनकार्ड में सुधार करवाते हुए अगारिया दर्ज कराने की मांग की है।




