रायगढ़। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 25 फरवरी 2022 को अधिसूचना जारी की थी जिसके अनुसार अज्ञात वाहन की ठोकर से घायल होने पर 50 हजार और मौत होने पर 2 लाख रुपए मुआवजा देय है। यह नियम 1 अप्रैल 2022 से प्रभावी है लेकिन शुरू के एक साल में ऐसे केसेस छूट गए हैं। यही वजह है कि केवल 80 मामलों को ही प्रक्रिया में लिया जा सका है। रायगढ़ जिले में ज्यादातर सड़क हादसों में अज्ञात वाहन की ठोकर से मौत होने या घायल होने के प्रकरण दर्ज होते हैं। ऐसे में हिट एंड रन अधिसूचना के तहत मुआवजा देय होता है। बशर्ते समय पर घटना की रिपोर्टिंग और आवेदन हो जाए।
नियम यह है कि मृतक या गंभीर घायल के परिजन छह माह के अंदर तहसीलदार या एसडीएम के समक्ष आवेदन करेंगे। इसके साथ पीएम रिपोर्ट, एफआईआर कॉपी, अस्पताल के बिल आदि दस्तावेज भी जमा किए जाते हैं। वेरीफिकेशन होने के बाद भुगतान के लिए क्लेम प्रकरण बीमा कंपनी को भेजे जाते हैं। जिले में मात्र 80 केस ही रिपोर्ट किए गए हैं। इसमें से 51 में भुगतान हो चुका है जबकि 19 में कुछ और जानकारी मांगी गई है। 5 केस सबमिट हैं और दो वेरीफाई हो चुके हैं। बड़ी समस्या वेरीफिकेशन में देरी और बीमा कंपनी से भुगतान पाने में विलंब के हैं।
इसमें केवल वही केस हैं, जिनमें मृतक या घायल के परिजनों ने आवेदन किया। जिनको मालूम ही नहीं, वे केस तो खो गए। प्रतिवर्ष हिट एंड रन के दर्ज केस और पोर्टल में प्रस्तुत क्लेम प्रकरणों की संख्या में बहुत अंतर है। अप्रैल 2022 से अब तक सौ से ज्यादा हिट एंड रन के मामले होंगे। केवल वही प्रकरण प्रक्रिया में आए जिनमें आवेदन किया गया। बाकी को किसी ने याद नहीं किया।




