रायगढ़, । वर्ष 2021 में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लग चुका है। तब से लेकर अब तक अनगिनत आदेश जारी हुए लेकिन कोई भी इसका उपयोग नहीं रोक सका। शहरों में सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पाद जहां से आ रहे हैं, वहां कार्रवाई नहीं हो रही है। अब हाईकोर्ट ने इस मामले में दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य सचिव को शपथ पत्र देने का आदेश दिया है। शहरी क्षेत्रों में कचरे का अंबार लग रहा है। दिन-प्रतिदिन उत्सर्जित कचरे की मात्रा बढ़ती जा रही है। इसमें सबसे ज्यादा मात्रा सिंगल यूज प्लास्टिक की है।
शराब दुकानों के पास तो हालात बदतर हैं। नालियां भी इसी कचरे से जाम हो रही है। नगरीय इकाइयों में इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। दो-चार दुकानों पर जुर्माना लगाने के अलावा रायगढ़ शहर में तो कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। जिले के दूसरे निकायों में तो एक भी कार्रवाई दर्ज नहीं है। इस मुद्दे पर पर्यावरण कार्यकर्ता नितिन सिंघवी ने जनहित याचिका दायर की है। इस याचिका की सुनवाई करते हुए अदालत ने मुख्य सचिव को एक एफिडेविट जमा करने का निर्देश दिया था।
सीएस की ओर से प्रस्तुत शपथ पत्र में जब्त की गई सिंगल यूज प्लास्टिक और जुर्माने की जानकारी दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि केवल दुकानदारों और वेंडरों पर कार्रवाई की गई। एक भी फैक्ट्री पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अदालत ने सीएस को एक और एफिडेविट दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके बाद विभाग ने सभी निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को की गई कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत करने को कहा है।
कहां है टास्क फोर्स, मैन्युफैक्चरर तक नहीं पहुंच रहे हाथ
रायगढ़ शहर में छोटे से छोटे दुकानों तक सिंगल यूज प्लास्टिक प्रोडक्ट पहुंच रहे हैं। मुख्य सचिव के एफिडेविट में बताया गया कि सभी जिलों में टास्क फोर्स का गठन किया गया है। रायगढ़ में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की कार्रवाई दिखाई नहीं देती, लेकिन इनके निर्माण, भंडारण, परिवहन और सप्लाई से जुड़े फर्म पर अब तक एक भी कार्रवाई नहीं हो रही है। बड़े वेंडरों से आसानी से पता चल सकता है कि ये उत्पाद कहां से आ रहे हैं।




