- नगर निगम क्षेत्र में ज्यादा कॉलोनियां, बिना काम पूरा किए पूर्णता प्रमाण पत्र पाने का प्रयास
रायगढ़ । प्राइवेट कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए छोड़ी गई 15 प्रश जमीन की जांच जारी है। एसडीएम ने जिन पांच कॉलोनियों के बिल्डरों को नोटिस दिया था, उनमें से दो ने जमीन की रजिस्ट्री करवाने की जानकारी दी है। बाकी तीन से भी जमीन खोजकर देने कहा गया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने पूरे जिले में आवासीय परियोजनाओं में ईडब्ल्यूएस के लिए छोड़ी गई जमीनों की जानकारी निकालने का आदेश सभी एसडीएम को दिए हैं। रायगढ़ एसडीएम ने पांच बिल्डरों को नोटिस दिए थे। इनमें से दो ने जमीनों की रजिस्ट्री करवाई है। अभी बाकी तीन से जानकारी मिलनी शेष है।
एसडीएम ने पहले चरण में पांच बिल्डरों को ईडब्ल्यूएस जमीन देने का आदेश दिया था। ग्राम खैरपुर में खसरा नंबर 606/1/1 सहित अन्य खसरों की 7.259 हेक्टेयर भूमि पर किए गए कॉलोनी विकास के संबंध में कमल अग्रवाल को नोटिस दिया था। बिल्डर ने जमीन रजिस्ट्री कराकर पजेशन देने का वादा किया है। इसी तरह ग्राम पंडरीपानी पूर्व में खसरा नंबर 15000/1/1 एवं 15000/2/1 की 2.848 हे. भूमि पर कॉलोनी बनाने वाले कुन्तिमा पटेल, क्षिरीश डनसेना, राजेश पटेल, गौतम प्रसाद पटेल, राहुल रोहड़ा, प्रमोद अग्रवाल एवं दीपक सिंघल को उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इन्होंने भी जमीन रजिस्ट्री की जानकारी दी है।
ग्राम बड़े अतरमुड़ा में खसरा नंबर 156/1/1 की 19,240 वर्गमीटर भूमि पर शांति विहार कॉलोनी विकास के संबंध में शांति देवी देवांगन एवं मनीष देवांगन को नोटिस दिया था। बताया जा रहा है कि बिल्डर ने फ्लैट बनाकर ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित किया है। इसी तरह ग्राम बड़े अतरमुड़ा में खसरा नंबर 15000/2/1 की 84,038 वर्गमीटर भूमि पर कान्हा ग्रीन्स कॉलोनी विकास के संबंध में ओमप्रकाश पटेल एवं शुभम शुक्ला को जमीन देने को कहा है। यहां से भी जल्द ही रजिस्ट्री कराने का जवाब मिला है। जोरापाली में खसरा नंबर 15000/1 की 2.238 हे. भूमि पर कॉलोनी विकसित कर रहे राहुल रोहड़ा एवं नीरज अग्रवाल ने जमीन के कुछ दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं।
निगम की कार्रवाई बहुत धीमी
निगम क्षेत्र में ज्यादा आवासीय कॉलोनियां हैं। पुरानी कॉलोनियों में से कई में तो विकास कार्य ही अधूरे पड़े हैं। मौका जांच में इसका खुलासा हो रहा है। कहीं रोड, नाली, स्ट्रीट लाइट नहीं है तो कहीं मंदिर, गार्डन गायब है। इन पर कार्रवाई भी अपेक्षित है।
क्या कहते हैं एसडीएम
पांच में से दो ने जमीन दे दी है। बाकी भी नोटिस का पालन कर रहे हैं। बाकी कॉलोनियों की भी जांच कर रहे हैं।
– महेश शर्मा, एसडीएम रायगढ़




