रायगढ़ । मेडिकल कालेजों में चल रहे डॉक्टरों का प्रदेशव्यापी आंदोलन रायगढ़ में भी सोमवार को जारी रहा। 17 सूत्रीय मांगों को लेकर डॉक्टर अब भी अड़े हुए हैं। सोमवार को हड़ताल के दौरान बड़ी संख्या में जूनियर और सीनियर डॉक्टर मेडिकल कॉलेज परिसर में धरने पर बैठे। डॉक्टरों ने सोमवार को ओपीडी का बहिष्कार तो किया लेकिन इमरजेंसी सेवाएं बाधित नहीं की। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार देर रात तक मांगों पर फैसला नहीं हुआ तो मंगलवार से आईपीडी के साथ क्रिटिकल केयर और इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार किया जाएगा।
स्टाईपेंड बढ़ाने सहित 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जेडीए के बैनर तले जुनियर डॉक्टरों का चल रहा आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। ओपीडी का बहिष्कार करते हुए सोमवार को भी मेडिकल कॉलेज परिसर में बड़ी संख्या में डॉक्टर जुटे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। इस आंदोलन में मेडिकल कॉलेज के जूनियर और सीनियर डॉक्टरों के साथ आसपास के पीएचसी, सीएससी और जिला अस्पतालों से जुड़े डॉक्टर भी समर्थन में पहुंच रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।वहीं अपनी मांगों को पूरा करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार देर रात तक उनकी मांगों पर फैसला नहीं हुआ, तो मंगलवार से ओपीडी, आईपीडी के साथ क्रिटिकल केयर और इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार किया जाएगा। डॉक्टरों ने साफ कहा है कि ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी शासन की होगी।




