रायगढ़। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील रामदास ने जिले के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी बैंकों से आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए छोटे नोटों एवं सिक्कों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों में खरीदारी का दायरा बढ़ जाता है, जिससे नकद लेन-देन में भी वृद्धि होती है। ऐसे समय में छोटे नोटों और सिक्कों की कमी व्यापारियों एवं ग्राहकों दोनों के लिए परेशानी का कारण बनती है।
सुशील रामदास ने कहा कि वर्तमान समय में बाजारों में पांच, दस, बीस और पचास रुपये के नोटों तथा छोटे मूल्यवर्ग के सिक्कों की मांग लगातार बढ़ रही है। कई बार ग्राहकों द्वारा बड़े नोट दिए जाने पर व्यापारियों को छुट्टे पैसे उपलब्ध कराने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इससे अनावश्यक विवाद की स्थिति भी निर्मित हो जाती है और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव, नवरात्रि, दशहरा, दीपावली एवं अन्य पर्व-त्योहारों के दौरान बाजारों में ग्राहकों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में छोटे नोटों और सिक्कों की उपलब्धता न केवल व्यापारियों के लिए बल्कि आम उपभोक्ताओं के लिए भी अत्यंत आवश्यक हो जाती है। यदि बैंकों द्वारा समय रहते पर्याप्त मात्रा में छोटे नोट और सिक्के उपलब्ध कराए जाएं तो बाजार में लेन-देन सुचारु रूप से संचालित होगा और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
चैंबर प्रदेश उपाध्यक्ष ने सभी बैंक प्रबंधकों से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने शाखाओं में छोटे नोटों और सिक्कों का पर्याप्त भंडारण रखें तथा व्यापारियों को आवश्यकता अनुसार उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बैंक विशेष काउंटर अथवा अलग व्यवस्था बनाकर व्यापारियों को छोटे नोट और सिक्के वितरित करें, जिससे भीड़भाड़ की स्थिति से बचा जा सके और समय की भी बचत हो।
सुशील रामदास ने कहा कि व्यापारियों और ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैंकिंग संस्थानों को इस दिशा में संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी बैंक आगामी त्योहारों को देखते हुए आवश्यक कदम उठाएंगे और छोटे नोटों तथा सिक्कों की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। इससे बाजार व्यवस्था मजबूत होगी, व्यापार को गति मिलेगी तथा ग्राहकों को भी सुगम और सुविधाजनक लेन-देन का लाभ प्राप्त होगा।




