रायगढ़। पीवी एप से फसल का भौतिक सत्यापन करने से इंकार कर चुके पटवारियों ने अपने आंदोलन के दूसरे चरण का ऐलान दिया है। कई जिलों में नोटिस, ट्रांसफर और निलंबित करने की कार्रवाई का विरोध करते हुए अब पटवारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। कार्रवाई शून्य न करने की स्थिति में आज से हड़ताल शुरू हो जाएगी। इस बार सरकार ने डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी के अलावा पीवी एप से फसल का सत्यापन करने का आदेश दिया गया है। हर खेत के चारों कोने में जाकर लोकेशन के साथ तस्वीर लेने का प्रावधान किया गया है जिसका पटवारी संघ विरोध कर रहा है।
पटवारियों का कहना है कि इतने कम समय में हर खेत में जाकर सत्यापन करना नामुमकिन है। करीब पखवाड़े भर से पीवी एप का बहिष्कार कर दिया गया है। इसलिए राजस्व अधिकारियों को खुद मैदान में उतरना पड़ा है। सरकार ने पटवारियों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया तो अब बेमियादी हड़ताल का ऐलान किया है। सोमवार को पटवारी संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया है। उनका कहना है कि पीवी एप से भौतिक सत्यापन कार्य में आ रही व्यावहारिक व तकनीकी दिक्कतों के संबंध में पूर्व में सूचित किया गया था, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं किया गया।
कार्य का बहिष्कार करने के कारण अब जिलों में पटवारी संघ के पदाधिकारियों व सदस्यों पर कार्रवाई की जा रही है। कहीं नोटिस दिया जा रहा है तो कहीं निलंबन किया गया है। कुछ जिलों में पटवारियों का तबादला किया गया है। समस्याओं का निराकरण नहीं होने के कारण अब पटवारी संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य हैं। राजस्व पटवारी संघ ने 13 अक्टूबर से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है।
पुरानी मांगों को भी दोहराया
पटवारियों को डीसीएस, एग्रीस्टेक, बकेट क्लेम, जनगणना, सिंचाई संगणना, एनएच सर्वे, भू-अर्जन सर्वे, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, सेवा संकल्प शिविर, प्रोटोकॉल आदि काम करवाए जा रहे हैं। इस बीच पीवी एप से सर्वे में बहुत मुश्किलें आ रही हैं। पटवारियों ने वेतन विसंगति और पदोन्नति पर सकारात्मक पहल करते हुए लंबित रखने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग भी रखी है।





