एथेनॉल प्लांट को 2300 रुपए में चावल, कनकी का रेट 2600 रुपए ?

  • भारतीय खाद्य निगम की पॉलिसी पर उठ रहे सवाल, ब्रोकन प्रतिशत 10 प्रश करने के बाद बदली व्यवस्था

रायगढ। भारतीय खाद्य निगम में चावल जमा करने की पॉलिसी बदल गई है। लेकिन कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। एथेनॉल प्लांटों को एफसीआई के गोदामों से 2300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से चावल दिया जा रहा है। वहीं मिलों में बचे 15 प्रश कनकी को 2600 रुपए में बेचा जा रहा है। चावल जमा करने की नीति में एथेनॉल प्लांटों की जरूरत भी शामिल कर ली गई है। इससे एक अलग बहस शुरू हो गई है। भारतीय खाद्य निगम में चावल जमा करने के एवज में मिलर्स को भारी-भरकम भुगतान होता है।

प्रति क्विंटल चावल की कीमत करीब 4200 रुपए होती है। एथेनॉल प्लांटों को जब एफसीआई चावल देती है तो कीमत 2300 रुपए प्रति क्विं. हो जाती है। एफसीआई ने चावल की गुणवत्ता सुधारने और एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत अब मिलर्स को केवल 10 प्रश तक ब्रोकन राइस वाला चावल ही जमा करना पड़ रहा है। पहले यह लिमिट 25 प्रश तक हुआ करती थी। यदि मिलर को एफसीआई में कुल 100 क्विंटल चावल की डिलीवरी देनी है तो उसे दो अलग-अलग हिस्सों में चावल देना होगा।

85 क्विंटल चावल जिसमें अधिकतम 10 प्रश तक ही कनकी हो सकती है। वहीं 15 क्विं. चावल कनकी होगा। कनकी को अलग से ऑक्शन करके बेचा जा रहा है। पिछले एक महीने में हुई कनकी की नीलामी में अधिकतम रेट करीब 2500-2600 रुपए तक गया है। मतलब कनकी का रेट, एथेनॉल प्लांट को दिए जा रहे चावल से अधिक है।

मिलों से उठाना है कनकी
राईस मिलर्स के पास बचे हुए कनकी को उठाने के लिए एफसीआई ऑनलाइन टेंडर कर रही है। उदाहरण के लिए बिलासपुर डिपो की ओर से 100 मीट्रिक टन कनकी को जगदीश राइस मिल रायगढ़ ने 2581 रुपए प्रति क्विं. की दर से खरीदा। पूरे देश में कई फर्म कनकी को खरीदने के लिए बिडिंग करते हैं। कई ट्रेडर्स भी नीलामी में हिस्सा लेते हैं। इसके बाद कनकी को एथेनॉल प्लांट वाले खरीदते हैं। अब अंतर देखिए, कि उसी एफसीआई से साबुत चावल 2300 में मिल रहा है और वही एफसीआई कनकी को 2600 रुपए में दे रहा है।

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