सेवानिवृत शिक्षक के विश्वासपात्र युवक ने ही धोखाधड़ी करते हुए उसके अलग-अलग बैंक खातों से 6 साल मेें 47 लाख रूपए का आहरण करते हुए गबन कर लेने का मामला प्रकाश मेें आया है। आरोपी रिटायर्ड टीचर के सभी बैंकिंग कार्यो में हमेशा मदद करता था और इसी बात का उसने फायदा उठाया। मकान निर्माण के उद्देश्य से जब उसने बैंक स्टेटमेंट निकलवाया तब मामले का खुलासा हुआ जिस पर उसने थाने की शरण ली। पुलिस ने अमानत में खयानत करने वाले आरोपी के विरूद्ध जुर्म दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। उक्त वाकया कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कोतरा रोड थानांतर्गत ग्राम कांटाहरदी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक रघुनाथ सिदार ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसका एसबीआई बैंक कोतरा रोड शाखा में बचत खाता है जिसमें वेतन आता है और इस बैंक में वेतन से बचत रूपयों को भी वह जमा करता था। वर्ष 2020 में नौकरी के दौरान ही गांव केे छत्रपाल सिदार की बैंक से चेकबुक के माध्यम से रूपए आहरण करने में वह मदद लेता था। छत्रपाल जाति समाज और गांव का होने के कारण काफी विश्वास पात्र हो गया था तथा उसका घर भी आना-जाना था। परिवार के सभी लोगों से मधुर व्यवहार था जिससे उसके मोबाईल का भी उपयोग करता था।
विश्वास पात्र होने के कारण कभी उस पर शंका नहीं किया। वहीं जून 2024 को सेवानिवृत्त होने के बाद उसके जीपीएफ, ग्रेच्युटी, अवकाश समर्पण आदि अन्य भुगतान एसबीआई के बचत बैंक खाता में जमा हुआ था। वहीं रिटायरमेंट के बाद जुलाई 2026 में वह अपने बैंक में जमा पूंजी से मकान निर्माण के लिये भूमि खरीदी करने के लिए एसबीआई बैंक जाकर बचत बैंक खाता का स्टेटमेंट प्रिंट कराया तब जानकारी हुई कि छत्रपाल ने जनवरी 2020 से जून 2026 के बीच उसके बचत बैंक खाता में जमा 47 लाख 5 हजार रूपए अपने ग्रामीण बैंक, आईडीबीआई. बैंक, बैंक ऑफ बड़ोदा एवं अन्य बैंक खातों में ऑनलाईन टांसफर किया है।
सेवानिवृत्त शिक्षक रघुनाथ सिदार की लिखित शिकायत पर कोतरा रोड पुलिस ने अरोपी छत्रपाल सिदार के विरूद्ध बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत अपराध पजींबद्ध कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।





