रायगढ़। 41वें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह-2026 की सांस्कृतिक संध्या में रायगढ़ के सुप्रसिद्ध सोनू गुप्ता एवं ग्रुप ने अपनी मनमोहक लोक संगीत प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ी लोक कला, लोक रंग और लोक संस्कृति की समृद्ध छटा बिखेरी। 10 कलाकारों के दल ने पारंपरिक लोकधुनों और सुमधुर गायन के माध्यम से दर्शकों को छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़ी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत अनुभव कराया।
20 वर्षों से लोक कला के क्षेत्र में सक्रिय है गुरतुर लोक कला मंच
करीब 20 वर्षों से लोक कला के क्षेत्र में सक्रिय गुरतुर लोक कला मंच छत्तीसगढ़ के साथ ही ओडिशा और मध्यप्रदेश में भी अपनी प्रस्तुतियां दे चुका है। मंच के मुख्य गायक सोनू गुप्ता ने अपनी गायिकी और लोक कला के माध्यम से रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को प्रदेश और देश के विभिन्न मंचों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, स्थानीय धुनों और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है।
लोकधुनों और गायन से रंगा समारोह स्थल
समारोह में सोनू गुप्ता एवं ग्रुप के कलाकारों ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक संगीत और लोक संस्कृति से जुड़ी विविध प्रस्तुतियां दीं। गायन, वादन और लोकधुनों के सुंदर संयोजन ने समारोह स्थल को छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंग दिया। कलाकारों की प्रस्तुति के दौरान दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। प्रस्तुति ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं से जोड़ने के साथ समारोह की सांस्कृतिक विविधता को भी समृद्ध किया।
लोक कला में मिट्टी और परंपरा की पहचान
सोनू गुप्ता एवं ग्रुप की प्रस्तुति ने यह संदेश भी दिया कि लोक कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी मिट्टी, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। चक्रधर समारोह जैसे मंच पर लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का अवसर भी देती हैं।




