फिल्मी स्टाइल में पुलिस वाहन को टक्कर मार भाग रहे 6 गौतस्कर गिरफ्तार

रायगढ़। जिले में गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत कोतरारोड़ थाना पुलिस ने सरवानी मेन रोड पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीन पिकअप वाहनों से छह गौवंशों को मुक्त कराया और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नाकेबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाकर भागने का प्रयास किया और शासकीय वाहन को भी टक्कर मार दी। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि तीन सफेद पिकअप वाहनों में मवेशियों को भरकर सरवानी से रायगढ़ के रास्ते झारखंड ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर डीएसपी उन्नति ठाकुर, डीएसपी अजय नागवंशी और कोतरारोड़ थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह के नेतृत्व में सरवानी-कुलबा मेन रोड पर नाकेबंदी की गई। सुबह करीब 5 बजे संदिग्ध वाहन आते दिखे, जिन्हें रोकने का इशारा करने पर चालकों ने पुलिसकर्मियों की ओर वाहन मोड़ दिए, जिससे एक जवान बाल-बाल बचा। आरोपियों ने पुलिस वाहन (CG-03-A-0705) को भी टक्कर मारी, लेकिन सतर्क बल ने घेराबंदी कर तीनों वाहनों को पकड़ लिया।

तीन पिकअप से छह मवेशी बरामद, 17.50 लाख की संपत्ति जब्त

तलाशी के दौरान वाहन क्रमांक JH-05-CR-0840 से 2 गौवंश मिले, जिसमें सवार नकुल साहू और शिवा कुमार साहू (दोनों निवासी गुमला, झारखंड) को पकड़ा गया। दूसरे वाहन JH-01-GC-5199 से 1 गौवंश बरामद हुआ, जिसमें सवार आदित्य महतो और रूपेश लहरे (निवासी झारखंड) पकड़े गए। तीसरे वाहन OD-17-G-9320 से 2 गौवंश मिले, जिसमें सवार राम महतो (लोहरदगा) और राजू सतनामी (सरवानी, रायगढ़) को हिरासत में लिया गया।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मवेशियों को लोड कर गुमला ले जा रहे थे। इस दौरान सरवानी निवासी ललित नामक एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने कुल छह गौवंश (अनुमानित मूल्य 2.50 लाख रुपये) और तीन पिकअप वाहन (अनुमानित मूल्य 15 लाख रुपये) सहित कुल 17.50 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है। सभी मवेशियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।

हत्या के प्रयास और पशु क्रूरता की धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और अवैध परिवहन को लेकर आरोपियों के खिलाफ थाना कोतरारोड़ में बीएनएस की धारा 281, 221, 132, 109(1), छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। गिरफ्तार सभी छह आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में गौवंश तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

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