रायगढ़ । मंगलवार को प्रदेश भर के पटवारी रायगढ़ में जुटे। पीवी एप से गिरदावरी करने का खुलकर विरोध कर रहे पटवारी तब भडक़ गए जब अलग-अलग जिलों में अध्यक्षों को दबाव बनाने के लिए नोटिस दिया जाने लगा। पटवारी संघ ने रैली निकालकर कलेक्टोरेट के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद कलेक्टर से मिलकर प्रांतीय पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी। धान खरीदी के पूर्व सरकार एक-एक खेत की गिरदावरी कराना चाह रही है। पीवी एप के जरिए पटवारी को एक ही खेत का चार कोनों से फोटो लेने कहा जाता है। इससे खेत का वास्तविक नक्शा, लोकेशन और रकबा दर्ज हो जाता है। एकदम शुद्ध आंकड़ों के लिए सरकार ने पीवी एप से पटवारियों को काम करने का आदेश दिया जिसका विरोध राजस्व पटवारी संघ कर रहा है।
उनका कहना है कि यह काम करने के लिए बहुत समय चाहिए, लेकिन सरकार बेहद कम समय में हजारों-लाखों खसरों की पहचान करना चाहती है। इस वजह से पटवारियों ने पीवी एप का बहिष्कार किया है। इस बीच कुछ जिलों में पटवारी संघ अध्यक्षों को नोटिस दिए जाने से मामला गर्म हो गया। मंगलवार को सैकड़ों पटवारियों ने मिनी स्टेडियम से कलेक्टोरेट तक रैली निकाली। पटवारी संघ ने कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से मिलकर ज्ञापन देने की मांग की। प्रांतीय पदाधिकारियों के समूह ने कलेक्टर से उनके चेंबर में जाकर मुलाकात की। इस दौरान करीब आधे घंटे तक चर्चा हुई। पटवारियों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों के बारे में अवगत कराया गया।
मुकडेगा में पदस्थापना के दौरान मिला था नोटिस
पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष भागवत कश्यप को एसडीएम रायगढ़ ने 30 सितंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। भागवत कश्यप जब मुकडेगा में पदस्थ थे, तब स्वेच्छा चारिता कार्य और लापरवाही से काम करने को आधार बनाते हुए नोटिस दिया गया। 27 जनवरी 2025 से 28 फरवरी 2025 के बीच पदस्थापना काल में कार्यों में लापरवाही बरतने के कारण सितंबर 2026 में नोटिस दिया गया। पटवारी संघ का कहना है कि उन पर दबाव बनाने की नीयत से सरकार पदाधिकारियों को टारगेट कर रही है। कई महीनों से भागवत कश्यप को कोई हल्का नहीं दिया गया है। कलेक्टर से भी इस संबंध में चर्चा हुई। वर्तमान में भागवत की पदस्थापना रायगढ़ ब्लॉक में है।




