रायगढ़। झीरम कांड मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से रविवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कांग्रेस नेताओं ने अदालत के फैसले का सम्मान करते हुए कहा कि झीरम कांड का न्याय अभी अधूरा है और घटना से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब अब भी सामने नहीं आए हैं। प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष द्वय नगेंद्र नेगी, शाखा यादव, पूर्व अध्यक्ष दीपक पांडेय, अनिल यूशुक्ला, पूर्व विधायक प्रकाश नायक, प्रभारी महामंत्री संगठन दीपक मंडल एवं विकास ठेठवार, नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया, अरूण गुप्ता, पूर्व महापौर जानकी कार्टाजू, ब्लॉक अध्यक्ष संदीप अग्रवाल, ओबीसी अध्यक्ष कन्हैयालाल पटेल प्रवक्ता रिंकी पांडेय, अमृत कार्टाजू, सोनू पुरोहित सहित अन्य कांग्रेस के कार्यकर्ता तथा रायगढ़ के पत्रकार गण मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 25 मई 2013 को दरभा के झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हुए नक्सली हमले में वरिष्ठ नेताओं समेत 32 लोगों की हत्या हुई थी। मामले में NIA की जांच के बाद फैसला आया है, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि जांच शुरू से ही दिशाहीन रही और घटना से जुड़े राजनीतिक षड्यंत्र के महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच नहीं की गई।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा क्यों हटाई गई, यात्रा का मार्ग किसने और क्यों बदला तथा हमले की योजना किसने बनाई? बड़े नक्सली नेताओं के आत्मसमर्पण के दौरान झीरम हमले में उनकी संलिप्तता के दावों की जांच क्यों नहीं की गई? प्रत्यक्षदर्शियों से पर्याप्त पूछताछ क्यों नहीं हुई?

जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने कहा कि झीरम कांड की दोबारा व्यापक जांच होनी चाहिए। राजनीतिक साजिश, सुरक्षा चूक और घटना के वास्तविक सूत्रधारों को सामने लाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहीदों के परिवारों और प्रदेश की जनता को झीरम कांड का पूरा सच जानने का अधिकार है। दोषियों को सजा के साथ घटना के पीछे छिपे हर पहलू और साजिश का खुलासा होना जरूरी है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन झीरम कांड को केवल नक्सली घटना मानकर जांच को समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे यदि किसी तरह की राजनीतिक साजिश थी तो उसके वास्तविक सूत्रधारों तक जांच एजेंसियों को पहुंचना होगा। उन्होंने सवाल किया कि FIR में जिन बड़े नक्सली नेताओं के नाम सामने आए थे, बाद में उनकी भूमिका की जांच क्यों नहीं हुई और उन्हें आरोपी क्यों नहीं बनाया गया?
“राजनीतिक साजिश के पहलू की जांच नहीं हुई”
जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने कहा कि कांग्रेस अदालत के फैसले का सम्मान करती है, लेकिन झीरम कांड का पूरा सच सामने आना अभी बाकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में षड्यंत्र के उस पहलू की जांच नहीं हुई, जिसके बारे में कांग्रेस लगातार सवाल उठाती रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झीरम कांड में केवल हमले को अंजाम देने वालों की पहचान और सजा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यदि हमले के पीछे किसी बड़ी राजनीतिक साजिश या सहयोग की भूमिका थी तो उसे भी उजागर किया जाना चाहिए।
परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा को लेकर भी सवाल
प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने तत्कालीन परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यात्रा के मार्ग में बदलाव किसके निर्देश पर किया गया था? सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव किए गए थे? हमले की आशंका के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं थी? कांग्रेस नेताओं ने इन सभी बिंदुओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस का कहना है कि झीरम जैसी भयावह घटना को केवल नक्सली हमले के रूप में समाप्त कर देना पर्याप्त नहीं है। घटना के राजनीतिक, प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।




