ट्रैक्टर से मुख्यालय पहुंचे थे ग्रामीण, दो दिन बाद बाइक से मेटागुड़ा पहुंचे कलेक्टर और सीईओ

सुकमा/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रशासनिक संवेदनशीलता की मंशानुरूप सुकमा जिला प्रशासन ने दूरस्थ वनांचल में जनसंवाद की अनूठी मिसाल पेश की है। दो दिन पहले स्कूल और आंगनबाड़ी की मांग को लेकर ट्रैक्टर से जिला मुख्यालय पहुंचे मेटागुड़ा के ग्रामीणों की सुध लेने खुद कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर बाइक चलाकर किस्ताराम से 20 किलोमीटर दूर पालाचलमा पंचायत के मेटागुड़ा गांव पहुंच गए। अफसरों ने गांव में चौपाल लगाकर न सिर्फ ग्रामीणों की पीड़ा सुनी, बल्कि मौके पर ही कई अहम स्वीकृतियां भी जारी कीं।

जमीन पर बैठकर सुनीं समस्याएं, भवनों को मिली त्वरित मंजूरी

मेटागुड़ा पहुंचे प्रशासनिक दल ने किसी औपचारिकता के बिना पेड़ की छांव में जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद साधा। कलेक्टर अमित कुमार ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए मेटागुड़ा में आंगनबाड़ी भवन और आमापेंटा में प्राथमिक शाला भवन निर्माण के तत्काल आदेश जारी किए। बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर विभागीय अधिकारियों को ऑन-द-स्पॉट समाधान के कड़े निर्देश दिए गए।

सिंचाई, बिजली और सड़क संपर्क को मिली प्रशासनिक रफ्तार

गांव में कृषि और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नहर विकास के साथ-साथ वीबी-जी रामजी योजना के तहत नए तालाब निर्माण को हरी झंडी दी गई। इसके अलावा अधिकारियों ने दो माह के भीतर गांव में बिजली आपूर्ति बहाल करने का ठोस आश्वासन दिया। वहीं, गांव को मुख्यधारा से जोड़ने वाली पक्की सड़क के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर स्वीकृति हेतु शासन को प्रेषित कर दी गई है।

दस्तावेजों के लिए सोमवार को लगेगा विशेष प्रशासनिक शिविर

ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित करने के उद्देश्य से सोमवार को मेटागुड़ा में विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, श्रम कार्ड और आयुष्मान कार्ड मौके पर ही बनाए जाएंगे। प्रशासन की इस त्वरित व संवेदनशील कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने जिला प्रशासन का आभार जताया।

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