- गौण खनिज की 14 खदानों में बिना टीपी के चल रहा था कारोबार, छह महीने में बिना टीपी सैकड़ों टन खनिज की बिक्री
रायगढ़, 21 अक्टूबर 2026। जिले में बिना टीपी के ही कारोबार कर रहे खनिपट्टाधारकों को खनिज विभाग ने रडार में लिया है। समीक्षा की गई तो पता चला कि 14 गौण खदानों से छह महीने में कोई टीपी ही नहीं कटवाई गई। बताया जा रहा है कि जिला खनिज अधिकारी ने सभी पट्टेदारों को फटकार लगाई है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि छह महीने में कितना खनन व परिवहन किया गया। खनिज विभाग ने अप्रैल 2026 से गौण खनिज की खदानों में मैन्युअल टीपी की व्यवस्था को खत्म कर दिया था। सभी खदान संचालकों को लॉगिन आईडी देकर ऑनलाइन टीपी जेनरेट करने को कहा गया था। करीब छह महीने बीतने के बाद भी 14 खदानों में बिना टीपी के ही कारोबार चल रहा है।
इन गौण खनिज की खदानों में अनियमितता हो रही थी, जिसकी भनक भी विभाग को नहीं लगी। जिले में लाइमस्टोन, डोलोमाइट, क्वार्टजाइट, मिट्टी, साधारण पत्थर, फायरक्ले आदि की 29 खदानें चल रही हैं। खनिज विभाग ने अप्रैल 2026 से टीपी के सारे नियम बदल दिए। सभी खदानों से मैन्युअल टीपी जमा करवा ली गई और उतनी मात्रा पोर्टल में उस खनिपट्टे के नाम पर चढ़ा दी गई। सभी को ताकीद की गई थी कि अब वे केवल ऑनलाइन टीपी ही जेनरेट करेंगे। मैन्युअल टीपी के माध्यम से खनिज का परिवहन नहीं किया जा सकता। इस नियम को लागू हुए छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन कुछ पट्टेदारों ने इसकी परवाह नहीं की। 14 खदानों से छह महीने में एक भी ऑनलाइन टीपी जारी नहीं करवाई गई।
बिना ऑनलाइन टीपी के कैसे किया काम
29 खदानों में से 15 ने ऑनलाइन टीपी जेनरेट करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा महेश कुमार गर्ग ग्राम बानीपाथर, अशोक अग्रवाल ग्राम कलमीपाट, रमा गर्ग चोढ़ा, आराध्या मिनरल्स आड़पथरा, राधामाधव क्रशर, श्रीजी इंफ्रास्ट्रक्चर चोढ़ा, विजय कुमार अग्रवाल तेजपुर धरमजयगढ़, उमेश अग्रवाल लैलूंगा, मारुति स्टोन क्रशर गहनाझरिया, यंगटी इंटरप्राइजेस, अनिल अग्रवाल लिप्ती, रवींद्र अग्रवाल फुटहामुड़ा और संजय मित्तल कुरुंजखोल ने एक बार भी ऑनलाइन टीपी जारी नहीं करवाई। इन पट्टों से उत्पादित खनिज को बिना टीपी के ही भेजा गया। कभी दूसरे खदान की टीपी से काम चलाया गया, ताकि पकड़े न जाएं।
एनएच निर्माण में अवैध खनिज का उपयोग
इन 14 खदानों के संचालकों को खनिज अधिकारी ने जमकर फटकार लगाई। तत्काल आईडी बनवाकर टीपी जारी कराने का आदेश दिया। पिछले छह महीने में किए गए खनन व परिवहन की जांच करने पर बड़ी गड़बड़ी सामने आ सकती है। एनएच का निर्माण कर रही श्रीजी इंफ्रास्ट्रक्चर ने तो बिना टीपी के ही गिट्टी का उपयोग कर लिया। पिछले कई साल से सड़क का काम चल रहा है।



