रायगढ़। मराठा गैंग द्वारा रेलवे लाईन चोरी के 13 साल पुराने मामले में फरार चल रहे गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार करने में आरपीएफ को सफलता मिली है। गिरोह के मुख्य सरगना सहित दर्जन भर सदस्यों की पूर्व में गिरफ्तारी हो चुकी है। खरसिया एवं सक्ती के बीच से रेलपांत चोरी करने का मामला बताया जा रहा है जिसमें फरार चल रहे एक आरोपी के विरूद्ध रेलवे न्यायालय ने स्थायी वारंट जारी किया था और 13 साल से इस शख्स की पुलिस को तलाश थी।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2013 में खरसिया व सक्ती के बीच रेल्वे लाईन चोरी का मामला सामने आया था, जिसमें जांच उपरांत यह बात सामने आई थी कि मराठा गैंग द्वारा चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था जिसका मुख्य सरगना विनोद मराठा था। आरपीएफ पुलिस ने उस वक्त चोरी का अपराध दर्ज करते हुए विनोद मराठा सहित उसके गिरोह के दर्जन भर सदस्यों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया था। वहीं गिरोह का एक सदस्य भिलाई निवासी फहीम खान पिता अब्दुल नईम फरार हो गया था।
वहीं बिलासपुर रेल्वे न्यायालय से आरोपी फहीम खान के विरूद्ध 7 जुलाई 2014 को स्थायी वारंट जारी किया था। आरोपी की गिरफ्तारी व वारंट की तामिली के लिए आरपीएफ पुलिस लगातार उसकी पतासाजी में लगी थी। वहीं मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी फहीम खान भिलाई में देखा गया है। इस पर रायगढ़ एवं चांपा आरपीएफ पुलिस की संयुक्त टीम ने भिलाई पहुंच कर घेराबंदी करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया है।



