- बस्तर के विकास को लेकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने की अपील
- स्थानीय जनता की इच्छा और हित को सर्वोपरि बताते हुए विकास की दिशा तय करने की बात कही
- प्रदेश की बहनों के स्नेह को सौभाग्य बताया, सेवा और सुरक्षा के लिए संकल्प दोहराया
रायपुर, 06 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर के विकास की दिशा वहां की जनता की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप ही तय होगी। उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता को किसी प्रकार के भ्रम में रहने की आवश्यकता नहीं है। सरकार क्षेत्र में कृषि, पर्यटन, पशुपालन सहित स्थानीय संभावनाओं के अनुरूप आजीविका और विकास के अवसरों को आगे बढ़ा रही है। बस्तर के लोग जैसा विकास चाहेंगे, सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में बस्तर के विकास, नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता और महिला सशक्तीकरण सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी।
बस्तर के विकास पर जनता की इच्छा सर्वोपरि
बस्तर से जुड़े सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। अब नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई निर्णायक मुकाम पर पहुंची है और क्षेत्र में शांति एवं विकास का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि नक्सलवाद को समाप्त करने के पीछे सरकार का उद्देश्य बड़े उद्योगों के लिए रास्ता तैयार करना है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। बस्तर का भविष्य वहां की जनता की आकांक्षाओं और इच्छाओं के अनुरूप ही तय होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई में कभी साथ नहीं खड़े हुए अथवा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से उसका समर्थन करते रहे, वे अब नए नैरेटिव के माध्यम से लोगों में भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। बस्तर की जनता जागरूक है और ऐसे प्रयासों को समझती है। सरकार का उद्देश्य बस्तर की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संभावनाओं को आगे बढ़ाते हुए वहां के लोगों के जीवन में समृद्धि लाना है।
कृषि, पर्यटन और पशुपालन से बढ़ेंगे स्थानीय अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में कृषि को सशक्त करने, पशुपालन को बढ़ावा देने और पर्यटन की संभावनाओं को अवसरों में बदलने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। शांति स्थापित होने के साथ अब दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंच रहा है और स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बस्तर अपनी विशिष्ट पहचान और समृद्ध संस्कृति को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे।
भैया’ कहकर बुलाने वाली बहनों का स्नेह सबसे बड़ा सौभाग्य
साक्षात्कार के दौरान प्रदेश की बहनों द्वारा उन्हें ‘विष्णु भैया’ कहकर पुकारे जाने और आत्मीय जुड़ाव से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की बहनें उन्हें भैया कहकर पुकारती हैं और अपने परिवार का सदस्य मानती हैं। इससे बड़ा सौभाग्य उनके लिए और क्या हो सकता है। बहनों से मिलने वाला स्नेह और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि एक भाई के नाते प्रदेश की बहनों की सेवा, सुरक्षा और उनके जीवन में खुशहाली लाना उनका संकल्प है। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षा के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कोशिश है कि प्रदेश की हर बहन को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें और वह आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार तथा छत्तीसगढ़ की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
जनता का हित सरकार की नीतियों के केंद्र में
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। सरकार की प्रत्येक नीति और प्रत्येक निर्णय के केंद्र में छत्तीसगढ़ की जनता का हित है। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास से लेकर माताओं-बहनों के सशक्तीकरण तक सरकार का संकल्प स्पष्ट है कि विकास ऐसा हो, जिसमें जनता की भागीदारी हो, स्थानीय आकांक्षाओं का सम्मान हो और उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।



