- शहर के गंदे पानी का उपचार करने के बाद बेचने के लिए एग्रीमेंट
रायगढ़। शहर का दूषित पानी पाइपलाइन के माध्यम से दोनों सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंच रहा है। वहां से उपचार के बाद इसे दो उद्योगों को देने का एग्रीमेंट किया गया है। लेकिन दोनों कंपनियों ने अभी तक कोई एक्शन प्लान नहीं दिया है। पानी लेने से पहले एक फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद नदियों को दूषित कर रहे नगरीय निकायों को गंदे पानी का उपचार करने की व्यवस्था करने को कहा गया था।
इसके बाद सभी दूषित नदीखंडों को साफ करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया गया। रायगढ़ नगर निगम ने केलो नदी को स्वच्छ रखने के लिए बांजीनपाली में 25 एमएलडी और बड़े अतरमुड़ा में 7 एमएलडी एसटीपी का निर्माण किया, लेकिन उपचारित पानी को रीयूज करने का भी आदेश दिया गया है जिस पर अमल नहीं किया जा सका है। रायगढ़ नगर निगम ने बांजीनपाली एसटीपी के पानी को जेएसपीएल और बड़े अतरमुड़ा एसटीपी
से पानी को सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स को देने का एग्रीमेंट किया है। इसके बाद कंपनियों को क्रियान्वयन प्लान, टेक्निकल और फायनेंशियल फिजिबिलिटी स्टडी करना है। दोनों कंपनियों ने अभी कोई एक्शन प्लान नहीं दिया है। एसटीपी से पानी को प्लांट तक ले जाने की योजना बहुत खर्चीली भी है। शायद इसीलिए कंपनियां इतने महीनों बाद भी इस पर कोई फैसला नहीं कर सकी हैं।
एनटीपीसी ने किया मना
दरअसल एसटीपीसी से उपचारित पानी को प्लांट तक पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछानी पड़ेगी। इसमें बहुत खर्च होना है। पानी का उपयोग घरेलू कार्य में नहीं किया जा सकेगा। इसलिए भी कंपनियां झिझक रही हैं। एनटीपीसी सीपत ने बिलासपुर नगर निगम को एसटीपी का पानी लेने से इंकार कर दिया है। प्रोजेक्ट कॉस्ट ज्यादा होने और कई तकनीकी समस्याओं की वजह से एनटीपीसी पीछे हट गई है। यही स्थिति रायगढ़ में भी है।




