रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया ब्लॉक में भालूनारा से राबर्टसन तक खराब सड़क के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने अब अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन का आज तीसरा दिन रहा, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। इसी बीच आंदोलन का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीण कीचड़ में बैठकर अपना विरोध जताते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खराब होने से उन्हें आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों ने 16 अगस्त से नवागांव में सड़क की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया है। पहले दिन एक ग्रामीण सड़क के गड्ढे में भरे कीचड़ में बैठकर विरोध जताया।इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूर्व भाजयुमो नेता रवि भगत भी अपने साथियों के साथ ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने भी कीचड़ भरे पानी में बैठकर ग्रामीणों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलन के दूसरे दिन यानी सोमवार को स्कूली बच्चे भी प्रदर्शन में शामिल हुए। बच्चों ने सड़क बनवाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। वहीं, मंगलवार को भी बड़ी संख्या में ग्रामीण धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन देने खरसिया विधायक उमेश पटेल भी पहुंचे और उनके साथ बैठकर सड़क बनवाने की मांग उठाई। मंगलवार को हल्की बारिश के बावजूद कई गांवों के ग्रामीण आंदोलन पर डटे रहे।बताया जा रहा है कि राबर्टसन से भालूनारा तक करीब 7-8 किलोमीटर सड़क की हालत बेहद खराब है।
भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। सड़क की हालत सुधारने की मांग को लेकर ग्रामीण बारिश के बीच भी धरने पर बैठे रहे। आंदोलन में बैठे पुरुषोत्तम पटेल ने बताया कि पिछले करीब 16 साल से सड़क की हालत खराब है। इसी वजह से ग्रामीण सड़क का निर्माण कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस खराब सड़क से भालूनारा, राबर्टसन, नवागांव, पामगढ़, रजघट्टा, छोटे डूमरपाली और बड़े डूमरपाली समेत कई गांवों के लोग प्रभावित हैं।खराब सड़क के कारण स्कूली बच्चों को भी आने-जाने में परेशानी होती है। पुरुषोत्तम ने बताया कि सोमवार को प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उमेश पटेल बोले- ग्रामीणों के आंदोलन को पूरा समर्थनखरसिया विधायक उमेश पटेल ने कहा कि यह सड़क साल 2022-23 में ही स्वीकृत हो चुकी थी। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार ने दो साल तक सड़क के लिए बजट नहीं दिया और बाद में इसे बजट से हटा दिया गया। विधायक ने बताया कि इसके बाद ग्रामीणों के साथ धरना दिया गया था। उस समय भी सड़क को बजट में शामिल कर स्वीकृति दिलाने का भरोसा दिया गया था। अक्टूबर 2025 में काम शुरू होने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद सड़क का काम शुरू नहीं हुआ।




