रायगढ़,। नगरीय क्षेत्रों में पट्टा बांटने के लिए सर्वे अब अंतिम दौर में है। अब तक के सर्वे में मात्र 300 लोगों के पात्र होने की जानकारी सामने आ रही है। करीब 6200 लोगों के निवास का सर्वे किया गया है। मतलब अतिक्रमण बड़े पैमाने पर हुए हैं। शहर की नजूल भूमि पर सैकड़ों लोगों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके मकान बना लिए हैं। लंबे समय से निवासरत लोगों को अब शासन ने भूमि का पट्टा देने का निर्णय लिया है। लेकिन कुछ शर्तें भी रखी गई हैं, जिनको पूरा करने वाला ही पात्र होगा। नगरीय क्षेत्रों में आवासहीन व्यक्ति को नजूल पट्टा अधिकार अधिनियम 2023 एवं इसके अंतर्गत निर्मित नियम, 2023 के तहत स्थायी पट्टा विलेख एवं अस्थायी पट्टा विलेख के प्रारूप तय किए गए हैं।
इस अधिनियम के तहत पट्टे के लिए वे व्यक्ति ही पात्र होंगे जो नगर पालिक निगम क्षेत्र में 600 वर्गफुट पर तथा अन्य निकायों में 800 वर्गफुट पर काबिज होंगे। शर्त यह भी है कि उनको शासकीय भूमि पर 20 अगस्त, 2017 के पूर्व से निवासरत होने का प्रमाण देना होगा। इस तिथि से निवासरत होने पर ही पट्टा बनेगा। खाली जमीन पर पट्टा नहीं मिलेगा। सिर्फ वही पात्र होंगे जिनका मकान इस तारीख से पहले से बना होगा। अब तक रायगढ़ जिले में एक नगर निगम, एक नगर पालिका और पांच नगर पंचायतों में करीब 6200 लोगों का सर्वे किया गया। सभी शर्तों के हिसाब से केवल 300 लोग ही पात्र मिले हैं। सर्वे पूरा होने के बाद सभी पात्र व्यक्तियों को पट्टा देने की प्रक्रिया शुरू होगी। I
अपात्रों का क्या होगा
एक ओर सरकार पात्र व्यक्तियों को शासकीय नजूल पट्टा देगी। वहीं अपात्र मिले व्यक्तियों पर क्या कार्रवाई होगी, यह स्पष्ट नहीं है। तय सीमा से अधिक भूमि कब्जा कर बैठे लोगों से क्या जमीन खाली करवाई जाएगी। यदि किसी ने निगम क्षेत्र में 1000 वर्गफुट पर कब्जा करके मकान बनाया है तो उसे 400 वर्गफुट स्वयं ही खाली करना होगा। ऐसा नहीं किया तो पट्टा भी नहीं मिलेगा और अतिक्रमण भी हटाया जाएगा। मास्टर प्लान में वह भूमि आवासीय प्रयोजन की होनी चाहिए। 30 साल के लिए पट्टा पाने के लिए 2017 से पूर्व निवासरत होना साबित करना होगा।
मतदाता सूची, विद्युत बिल, टेलीफोन बिल, स्थानीय निकाय का संपत्तिकर या समेकित कर पंजी, जलकर भुगतान दस्तावेज, भवन या दुकान अनुज्ञा, अधिनियम के अधीन प्रदत्त पट्टे, आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस देना होगा। ये दस्तावेज 20 अगस्त 2017 से पहले के होने चाहिए।I




