रायगढ़ में नाबालिग को भगाकर ले जाने और दुष्कर्म का आरोपी ओडिशा से गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल

रायगढ़। पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द क्षेत्र से 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसका शारीरिक शोषण करने के आरोपी परमानंद कंवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने अपहृत बालिका को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके साथ ही वारदात में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है।

घर से गायब हुई थी नाबालिग, गुमशुदगी के बाद शुरू हुई तलाश

रैरूमाखुर्द पुलिस चौकी में 25 सितंबर 2026 को पीड़िता के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 24 सितंबर की रात करीब 9 बजे परिवार के सभी सदस्य भोजन के बाद सोने चले गए थे। उनकी 16 वर्षीय पुत्री भी अपने कमरे में सोई थी, लेकिन अगली सुबह वह गायब मिली। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं लगा, तब किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 302/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।

ओडिशा के सुंदरगढ़ में मिली बालिका, शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप

विवेचना के दौरान मुखबिर से पुलिस को जानकारी मिली कि ओडिशा के सुंदरगढ़ जिला अंतर्गत हिमगीर थाना क्षेत्र के ग्राम रेगारपानी (भोगराकछार) निवासी परमानंद कंवर बालिका को अपने साथ ले गया है और अपने घर में रखे हुए है। इस सूचना पर प्रधान आरक्षक भेनानसियुस खेस और महिला आरक्षक ज्योति की टीम रेगारपानी भेजी गई। पुलिस टीम ने जब आरोपी के घर दबिश दी, तो बालिका वहां मिल गई, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया था।

बालिका को बरामद करने के बाद महिला पुलिस अधिकारी द्वारा उसका बयान दर्ज कराया गया और काउंसलिंग के उपरांत उसे पिता के सुपुर्द किया गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि 34 वर्षीय परमानंद कंवर शादी का प्रलोभन देकर उसे मोटरसाइकिल से अपने घर ले गया था, जहां उसने लगातार उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता के मेडिकल परीक्षण के बाद मामले में धारा 62(2)(ड) बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 जोड़ी गईं।

घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी, मोटरसाइकिल जब्त

फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने उसे रेगारपानी गांव के मुख्य मार्ग पर पल्सर मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 13 AW 1784) के साथ दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद घटना में प्रयुक्त वाहन को गवाहों के समक्ष जब्त किया गया। आरोपी के खिलाफ आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत यह कार्रवाई की गई। इसमें एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी के सुपरविजन में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव व पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही।

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