रायपुर। छत्तीसगढ़ में डीप डिप्रेशन के असर से लगातार हो रही बारिश के चलते जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रदेश के कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और मौसम विभाग ने रायपुर, सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हालांकि, 27 सितंबर से राज्य भर में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई गई है।
राजधानी रायपुर में सुबह से आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और बारिश का दौर जारी है। मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान रायपुर में 11 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। वहीं पिछले 30 घंटों में दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में व्यापक वर्षा हुई, जिसमें कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई है।
15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा मौसमी सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार, एक अवदाब (डिप्रेशन) दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण अंदरूनी ओडिशा के ऊपर सक्रिय है। यह मौसमी सिस्टम 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अगले 12 घंटों तक अपनी तीव्रता बनाए रखेगा। इसके बाद के 12 घंटों में यह धीरे-धीरे कमजोर होकर चिन्हित निम्न दाब क्षेत्र (वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया) में परिवर्तित हो सकता है।
चार संभागों में भारी वर्षा और वज्रपात की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 26 सितंबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। राज्य में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और भारी बारिश हो सकती है। इसका मुख्य असर उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर संभागों के जिलों में रहने का अनुमान है।
राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। शनिवार को भी राज्य में एक-दो जगहों पर तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है, जिसके बाद सिस्टम का असर कमजोर पड़ने लगेगा।




