रायगढ़। धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम ससकोबा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के खाद्यान्न में गड़बड़ी के मामले में पुलिस ने फरार विक्रेता को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी बिहारी राठिया को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस मामले में समूह की दो महिला पदाधिकारियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच में सामने आई थी 12.89 लाख रुपये के खाद्यान्न की कमी
धरमजयगढ़ तहसील के ससकोबा स्थित उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009078 में 3 सितंबर 2026 को खाद्य विभाग की टीम ने जांच की थी। जांच के दौरान दुकान में 499.65 क्विंटल चावल, 5.37 क्विंटल शक्कर और 8.03 क्विंटल नमक कम पाया गया। इस गायब खाद्यान्न की कुल अनुमानित कीमत लगभग 12,89,375 रुपये आंकी गई थी। जांच में यह तथ्य भी उजागर हुआ कि अगस्त माह में हितग्राहियों से ई-पॉस मशीन पर फिंगरप्रिंट लगवा लिए गए थे, लेकिन उन्हें राशन का वितरण नहीं किया गया।
इसके बाद चौकी रैरूमाखुर्द (थाना धरमजयगढ़) में सरोज स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष उमाबाई राठिया, सचिव माधुरी बाई राठिया और विक्रेता बिहारी राठिया के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत अपराध क्रमांक 288/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने 12 सितंबर 2026 को उमाबाई और माधुरी बाई को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया था, जबकि विक्रेता बिहारी राठिया फरार चल रहा था।
मुखबिर की सूचना पर गांधी प्रतिमा चौक से पकड़ा गया आरोपी
चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द उप निरीक्षक इगेश्वर यादव ने फरार विक्रेता की धरपकड़ के लिए मुखबिर सक्रिय किए थे। 22 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी धरमजयगढ़ से बस में सवार होकर अपने गांव आ रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गांधी प्रतिमा चौक रैरूमाखुर्द के पास उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी बिहारी राठिया (32 वर्ष), निवासी ससकोबा जूनापारा ने पूछताछ में फरवरी से अगस्त 2026 के बीच चावल, शक्कर और नमक के वितरण में गड़बड़ी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उसके कब्जे से 4 नग रजिस्टर जब्त किए हैं। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। खाद्य विभाग की जांच के बाद ससकोबा और गनपतपुर की उचित मूल्य दुकानों में गड़बड़ी को लेकर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।




