नई दिल्ली। घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी पाने के लिए उपभोक्ताओं को 30 सितंबर तक आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में नए निर्देश जारी किए हैं। तय समय सीमा तक बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा न करने वाले कनेक्शन धारकों को एलपीजी सिलेंडर तो मिलता रहेगा, लेकिन उनके बैंक खाते में आने वाली सब्सिडी की राशि रोक दी जाएगी।
फर्जी कनेक्शनों पर रोक और पारदर्शिता के लिए उठाया गया कदम
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, एलपीजी सब्सिडी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने और इसके दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के माध्यम से कनेक्शन धारक की पहचान और सत्यापन किया जा रहा है। मंत्रालय का मानना है कि इस प्रक्रिया से डुप्लीकेट यानी फर्जी गैस कनेक्शनों पर रोक लगेगी और सब्सिडी का वित्तीय लाभ केवल वास्तविक उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेगा।
सत्यापन के तीन विकल्प: घर बैठे या एजेंसी जाकर पूरी करें प्रक्रिया
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन के कई विकल्प दिए गए हैं। सिलेंडर की होम डिलीवरी के समय उपभोक्ता डिलीवरी एजेंट के जरिए संबंधित ऑयल कंपनी के मोबाइल ऐप से आधार ऑथेंटिकेशन करा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और गैस कार्ड दिखाना होगा। इसके अलावा, उपभोक्ता अपनी गैस एजेंसी के दफ्तर में गैस कार्ड ले जाकर भी कर्मचारियों से बायोमेट्रिक सत्यापन करवा सकते हैं।
तीसरे विकल्प के रूप में उपभोक्ता घर बैठे गैस कंपनी के मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए खुद भी चेहरा दिखाकर फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा कर लिया है, उन्हें यह प्रक्रिया दोबारा करने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ताओं को इस संबंध में एसएमएस के जरिए भी सूचना भेजी जा रही है और विस्तृत जानकारी के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800 2333 555 जारी की गई है।



