रायगढ़ । कोटमार से महापल्ली मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सडक़ काफी जर्जर हो गई है। गड्ढे और कीचड़ की वजह से दुपहिया वाहन एवं स्कूली छात्रों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस परेशानी को देखते हुए क्षेत्रवासियों का आक्रोश फूट पड़ा और रविवार को टेंट लगाते हुए सडक़ निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। इस वजह से जाम लगने पर पुलिस टीम तैनात की गई तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर प्रदर्शन कर रहे लोगों से चर्चा की। वहीं उक्त सडक़ की मरम्मत करने के लिए आश्वस्त किया गया, तब कहीं जाकर 6 घंटे चला चक्का जाम समाप्त हो सका।
जिले की सभी सडक़ें काफी खराब स्थिति में है, जिसकी वजह से आवागमन में हो रही परेशानी तथा सडक़ दुर्घटनाओं को लेकर लगातार ग्रामीण आंदोलन कर रहे है। रायगढ़ शहर की सडक़ों की भी स्थिति काफी बदतर है खास कर कोतरा रोड से ढिमरापुर सडक़ लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। वहीं कोटमार से महापल्ली मार्ग पर भी भारी वाहनों की व्यापक पैमाने पर आवाजाही है जिसके कारण यह मार्ग भी गड्ढों में तब्दील हो गया है। वहीं बरसात के समय गड्ढों में पानी भरने व कीचड़ होने से दुपहिया एवं स्कूली छात्रों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आये दिन इस मार्ग पर भी दुर्घटनाएं हो रही है।
खराब सडक़ को लेकर आस पास के ग्रामीणों में काफी आक्रोश व्याप्त है। वहीं जर्जर सडक को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने रविवार की सुबह 8 बजे से पतरापाली पूर्व और कोटमार के बीच टेंट लगाते हुए चक्का जाम कर दिया था। चूंकि इस मार्ग से कोतरलिया रेल्वे साईडिंग और इण्ड सिनर्जी के भारी वाहनों का आवागमन होता है लिहाजा चक्का जाम होने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। वहीं चक्का जाम की सूचना पर नायब तहसीलदार हरनन्दन बंजारे व चक्रधरनगर थाना प्रभारी राकेश मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाईश दी कि बरसात के मौसम की वजह से सडक़ निर्माण करना संभव नहीं है लिहाजा वे चक्का जाम समाप्त करें परंतु ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों का कहना था कि जर्जर सडक़ की वजह से आये दिन दुर्घटनाएं घट रही है। वहीं स्कूली बच्चों को भी आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मेें त्वरित कार्रवाई के बगैर वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने फिलहाल मरम्मत कार्य करवाये जाने के लिए आश्वस्त किया, तब कहीं जाकर ग्रामीण शांत हुए और 6 घंटे तक चला चक्काजाम समाप्त हो सका जिसके बाद प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।




