रायगढ़। जमीन बिक्री करने के नाम पर चार बार अलग-अलग इकरारनामा बनवाते हुए क्रेता से 17 लाख 21 हजार रूपए लेने के बाद अन्य के नाम पर रजिस्ट्री करते हुए धोखाधड़ी करने का मामला प्रकाश में आया है। पीडि़त की लिखित शिकायत पर पुलिस ने भू-स्वामी महिला सहित तीन लोगों के विरूद्ध जुर्म दर्ज करते हुए मामले की जांच पड़ताल प्रारंभ कर दी है। उक्त वाकया भूपदेवपुर थाना क्षेत्र का है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक रायगढ़ के विकास नगर रेलवे बंगलापारा निवासी गौतम सोनी पिता नानकचंद सोनी ने भूपदेवपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वर्ष
2025 में उसे जमीन ब्रोकर सुदामा देवांगन द्वारा भूपदेवपुर थानां क्षेत्र के ग्राम मुरा निवासी श्रीमती गंगामती यादव पति ब्राम्हण यादव के स्वामित्व की ग्राम लोढ़ाझर में खसरा नंबर 155/3 रकबा 0.312 हेक्टेयर जो कि एनएच से लगी हुई है, जिसे अपने घरेलू खर्च के लिए रकम की आवश्यकता होने के कारण वह बेचना चाहती है। सुदामा देवांगन के द्वारा उक्त भूमि को मुझे खरीदने के लिए गंगामती उसका भतीजा मनोहर और उसकी दोनों पुत्रियां श्यामा बाई एवं यशोदा बाई तथा दामाद मनोज यादव से मुझे मिलवाया तथा हमारे मध्य उपरोक्त भूमि 1 लाख 20 हजार रूपए प्रति डिसमिल के भाव से क्रय करना तय हुआ। वहीं 11 नवंबर 2025 को मेरे एवं नंदलाल सोनी तथा गंगामती के मध्य प्रथम इकरारनामा निष्पादित हुआ।
गौतम सोनी द्वारा गंगामती को उसके भूमि को क्रय करने के एवज में अग्रिम राशि के रूप में 3 लाख 21 हजार उसी दिन प्रदान कर दिया गया। इकरारनामा में तय हुआ था कि 6 माह के भीतर गंगामती द्वारा रजिस्ट्री कराई जायेगी। वहीं इस बीच गंगामती द्वारा 28 मार्च 2026 को एक बार फिर रूपए की जरूरत होना बताते हुए एक लाख रूपए और लेकर द्वितीय इकरारनामा निष्पादित कराया गया। वहीं 2 मई 2926 को फिर से रकम की जरूरत होना बताते हुए तीन लाख रूपए उसके द्वारा लिया गया और तीसरा इकरारनामा निष्पादित किया गया। चूंकि इकरारनामा की अवधि 31 मई 2026 को समाप्त हो रही थी तथा गंगामती द्वारा भूमि के रजिस्ट्री बैनामा निष्पादित करने के संबंध में आवश्यक दस्तावेज पूरा करके नहीं दिया गया था। इसलिए पुन: 29 मई 2026 को चतुर्थ इकरारनामा गंगामती द्वारा दो गवाह के समक्ष किया गया।
वहीं दस दिन के भीतर रजिस्ट्री कराने की बात कही गई थी। इसके बाद बिक्री नकल निकाल कर उसे देने के एवज में फिर से एक लाख रूपए देने की मांग की गई। वहीं राशि प्राप्त होने के बाद बिक्री नकल तो दे दिया गया लेकिन रजिस्ट्री कराने मेें उनके द्वारा टाल मटोल किया जाता रहा। वहीं 10 जुन 2026 को उसे जानकारी मिली कि गंगामती यादव के द्वारा इकरारनामा में उलझा कर जमीन बेचने के नाम पर 17 लाख 21 हजार रूपए प्राप्त कर छल पूर्वक उक्त भूमि को अन्य व्यक्ति अवध राम पटेल पिता रामजी लाल से रकम लेकर अवधराम के पक्ष में विक्रय कर दी है और उक्त भूमि का पंजीयन भी करा दिया गया है। यह भी जानकारी मिली कि मनोहर यादव, एवं मनोज यादव द्वारा रकम की ठगी करने के लिए
आपस में षडय़ंत्र किया था तथा उन्होंनेे उसी षडय़ंत्र के तहत गंगामती को सामने रखकर पैसा ठगने के लिए इकरारनामा निष्पादित कराया था। पुलिस ने गौतम सोनी की शिकायत पर आरोपी गंगामती यादव, मनोहर यादव, एवं मनोज यादव के विरूद्ध बीएनएस की धारा 3 (5), 318 (4) के तहत अपराध पजींबद्ध कर मामले की जांच पड़ताल प्रारंभ कर दी है।




