- रायगढ़, पुसौर और लैलूंगा के गौठानों का चयन
रायगढ़ | छग सरकार ने एक बार फिर गौ सेवा को लेकर गौधाम योजना शुरू की है। पिछली सरकार में फेल रही गौठान योजना को ही आधार बनाकर नया आवंटन दिया जा रहा है। रायगढ़ जिले में 12 गौठानों को गौधाम बनाने के लिए चुना गया है। कांग्रेस सरकार की गौठान योजना की तरह ही गौधाम योजना शुरू की गई है। अब सरकार ने छग राज्य गौसेवा आयोग में पंजीकृत 46 गौधामों में से कुछ को फंड भी दिया गया है। प्रदेश में 100 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में निर्मित गौठानों को ही उपयोग किया जा रहा है। लेकिन इस बार गौसेवा के लिए संस्था को पंजीकृत किया जा रहा है जो संचालन करेगी।
इसके एवज में संस्था को फंड दिया जाएगा। रायगढ़ जिले में 12 गौठानों को चुना गया है जहां गौधाम बनाए जाएंगे। हालांकि अभी इन गौधामों के लिए संस्थाओं का पंजीयन नहीं किया गया है। रायगढ़ के कोसमनारा, संबलपुरी, पुसौर के बरपाली, झलमला, लिंजीर, लैलूंगा के राजपुर, नारायणपुर, बीरसिंघा, गेरूपानी, केन्दाटिकरा, झरन और कोड़ासिया में गौधाम स्थापित होंगे। गौसेवा आयोग में संस्था का पंजीयन होने के बाद गौवंशों का परीक्षण किया जाएगा। आयोग की अनुशंसा पर ही शासन की ओर से राशि दी जाएगी। वर्तमान में इन गौठानों की हालत बेहद खराब है। एक भी गौवंश मौजूद नहीं है।
फर्जीवाड़े का रहा है इतिहास
गौठान योजना में सबसे बड़ी गड़बड़ी कोसमनारा और संबलपुरी गौठानों में हुई थी। महिला समूहों के नाम पर मनमाना व्यय किया गया था। बिना गौवंश के गौठान चलाए जा रहे थे। कई मशीनें भी खरीदी गई थी जो अब गायब हैं। गोबर खरीदी के नाम पर करोड़ों रुपए फूंक दिए गए लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला।




