सारंगढ़ - बिलाईगढ़

माँ सृजन की पाठशाला है वह खुद तपकर – त्याग और समर्पण से समाज को गढ़ती है जीवन का पाठ पढ़ाती है


“छत्तीसगढ़ महिला गौरव अवार्ड से सम्मानित हुई हीरा देवी निराला”


लक्ष्मीनारायण लहरे. सारंगढ़ /रायपुर
धार्मिक सांस्कृतिक मान्यताओं के आधार पर समाज में प्रथम पूज्य के रूप में श्रीगणेश जी को पूजे जाते हैं ।परिवार और समाज में अग्रणीय सबसे जिसका ऊंचा दर्जा होती है वह माँ की होती है । माँ शब्द संसार की वो सबसे बड़ी शब्द होती है जो जीवन का पालनहार होती है माँ की तपस्या को शब्दों से बयां कर पाना संभव नहीं है माँ वह भाषा है जिसे छोटा बच्चा दूध पीते हुए आंचल में छुपाकर बड़ा होता है और अपना जीवन उसके मातृ छाया में पनपता है। माँ वह अबुझ पहली है जो जीवन को संवारती है स्वच्छ समाज गढ़ती है । माँ सृजन की पाठशाला है वह खुद तपकर -त्याग और समर्पण से समाज की गढ़ती है।
शिक्षाविद् सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती हीरा देवी निराला की जीवन कशमकश भरी राहों से गुजरते हुए समाज को नई सीख देती है जो समाज के लिए एक बड़ा उदाहरण है । हीरा देवी बचपन से ही होनहार विद्यार्थी रही समाज के प्रति उसका लगाव रहा उनका जन्म 15जून 1969को हुआ वे सामाजिक विज्ञान में
एम ए हैं। सारंगढ़ जिला मुख्यालय में विशेष स्कूल दिव्यांगजन स्कूल संचालित करते हैं ।इस स्कूल की स्थापना 2006में हुई पिछले 19 वर्षों से ऐसे बच्चों की सेवा कर रहे हैं जो समाज से सीधा सीधा टूटे हुए होते हैं जो सुन नहीं सकते बोल नहीं सकते और देख नहीं सकते उनके बीच रहकर उनकी सेवा के साथ साथ पढ़ना लिखना और उन्हें समाज के मुख्य धारा से जोड़ना चुनौती भरा कार्य है ऐसे बच्चों के परिवार भी उनसे दूरी रखते हैं ऐसे बच्चों की देख भाल माता पिता की तरह करना गागर में सागर भरने जैसा कार्य है। अपनी जिंदगी के सुख सुविधाओं को छोड़कर रात दिन बच्चों के जीवन को गढ़ना चुनौती भरा है।
उनकी इस सामाजिक कार्य एवं सेवा भाव को लेकर उन्हें रायपुर की अग्रणीय सामाजिक व साहित्यिक संस्था वक्ता मंच के द्वारा छत्तीसगढ़ महिला गौरव अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया है वे कई मंचों से सम्मानित हुई हैं। अपने जीवन के ज्यादा समय सामाजिक कार्यों में गुजरते हैं । उनकी यह कार्य समाज के लिए प्रेरणा योग्य है । उनकी कार्य अखबारों के पन्नो से भले ही दूर हैं पर उनके कार्य सराहनीय हैं । जो समाज को नई राह दिखा रही हैं ।
रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ महिला गौरव अवार्ड से छत्तीसगढ़ के 11 जिलों की महिलाओं का चयन हुआ था जिसमें 125 महिलाओं का छत्तीसगढ़ महिला गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया जिसमें सारंगढ़ -बिलाईगढ़ जिला से सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती हीरा देवी निराला ,श्रीमती सरिता जायसवाल ,श्रीमती लक्ष्मी यादव और लता चौधरी प्रमुख हैं। रायपुर में हुए कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ महिला गौरव अवार्ड में ऑटो चालक से लेकर डी एस पी तक वक्ता मंच से सम्मानित हुई ।


रायपुर की अग्रणी सामाजिक व साहित्यिक संस्था वक्ता मंच द्वारा राजधानी के वृन्दावन सभागृह में प्रदेश के 11जिलों से चयनित 125 प्रतिभाशाली महिलाओं को सम्मानित किया गया l “छत्तीसगढ़ महिला गौरव अवार्ड” शीर्षक से आयोजित इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रख्यात चिकित्सक डॉ सुमेधा श्रीवास्तव थी l अध्यक्षता वरिष्ठ समाज सेवी अशोक अग्रवाल ने की l विशिष्ट अतिथि की आसंदी पर वरिष्ठ पत्रकार पी के तिवारी एवं राजकुमार धर द्विवेदी, गोंड आर्ट कलाकार अंकुर शुक्ला, बुजुर्ग सेवा समिति की अध्यक्ष रुक्मणि रामटेके, शिक्षाविद अरुणा चौबे , समाज सेविका ज्योति शुक्ला एवं जी एस टी आयुक्त एम राजीव उपस्थित थे l वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने जानकारी दी है कि रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, बेमेतरा, कवर्धा, राजनांदगांव, दुर्ग,महासमुंद, गरियाबंद,बालोद, सारंगढ़ – बिलाईगढ़ से चयनित 125 महिलाओं को मोमेंटो व सम्मान पत्र प्रदान किया गया l इन महिलाओं का खेल, समाज सेवा, शिक्षा, साहित्य, बाईक राइडिंग, पर्यावरण, चिकित्सा, एन जी ओ, कला, संस्कृति, फिल्म में अभिनय, एलबम निर्माण, राजनीति, लोक कला, पत्रकारिता, प्रकाशन, पर्वतारोहण, प्रशासन, आध्यात्म, नर्सिंग,पुलिसिंग, इवेंट आर्गेनाइजर, आर्किटेक्ट, रंगकर्म, उद्यानिकी,पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में जारी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये अभिनंदन किया गया l इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि चूड़ियां पहननेवाले हाथों ने ही इतिहास की रचना की है l वक्ता मंच के इस आयोजन से महिलाओं की सफलता की कहानियां जन जन तक पहुंचेंगी l भारत की महिलाएं अब घर की चौखट लांघकर अपने हकों हेतु लड़ रही है l महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में दूरदर्शिता, जीवंत उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ जीवन की सभी चुनौतियों का सामना कर रही है l आज सम्मानित हो रही अनेक महिलाओं ने विकट परिस्थितियों से लड़कर सफलता का नया कीर्तिमान रचा है और समाज को नई प्रेरणा दी है l पुरस्कार वितरण का आरम्भ दिव्यांग पैरा ओलंपिक विजेताओं दुर्ग की संगीता मसीह, कवर्धा की छोटी मेहरा एवं महासमुंद की ईश्वरी निषाद को सम्मानित किए जाने के साथ हुआ l महिला ऑटो चालक रायपुर की अनिता निहाल को पुकारे जाने के साथ ही समूचा सभागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा l डी एस पी मंजुलता राठौर के सम्मान के दौरान लोगों ने खड़े होकर उनकी कर्त्तव्य परायणता को सराहा l वक्ता मंच द्वारा विगत 20 वर्षों से प्रतिवर्ष जीवन व समाज के विविध क्षेत्रों में सफलता के झंडे गाड़नेवाली महिलाओं को सम्मानित किए जाने का क्रम जारी है l आज के कार्यक्रम में वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते, संयोजक शुभम साहू, कार्यक्रम प्रभारी विवेक बेहरा, दुष्यंत साहू, धनेश्वरी नारंग, राजाराम रसिक, डॉ इंद्रदेव यदु, प्रशांत यदु, संतोष धीवर, पूर्णेश डडसेना, उमा स्वामी, अभिषेक श्रीवास्तव, परम कुमार, खेमराज साहू, हेमलाल पटेल सहित टीम वक्ता मंच के समस्त सदस्य उपस्थित थे l कार्यक्रम में नवापारा राजिम के वरिष्ठ पत्रकार तुकाराम कंसारी, सारंगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मी नारायण लहरे, वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र रायपुरी एवं वरिष्ठ समाज सेवी राजू रामटेके भी उपस्थित रहे l अंत में लकी ड्रॉ के माध्यम से कुसुम त्रिपाठी को ” वर्ष की भाग्यशाली महिला” घोषित कर गिफ्ट पैक प्रदान किया गया l

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