सारंगढ़ । शहर से गांव तक अंतत चतुर्दशी के अवसर पर घर आँगन और सार्वजनिक पंडालों में विराजे विघ्नहर्ता गजानंद की प्रतिमाओं का विसर्जन बाजे गाजे, रंग -गुलाल उड़ाकर विदाई हुई 10 दिन तक विघ्नहर्ता के विधि विधान से पूजा अर्चना हुई घर परिवार और सार्वजनिक रूप से समाज में उत्साह रहा ।घर आँगन से विदाई करते हुए लोगों की जुबां पर गणपति बप्पा मोरया रे का गीत गूंजता रहा ।बड़े उत्साह के साथ नाच गाकर विदाई हुई ।10 दिन तक घर आँगन में खुशियों के दीप जले आनंदमय भजन कीर्तन हुए इस पल को लोगों ने आनंद से जिया । कोसीर गांव के चौक चौराहे और घर घर में विराजे गजानंद का विसर्जन हुआ । सारंगढ़ और आस पास के ग्रामीण अंचलों में अनंत चतुर्दशी के दूसरे दिन भी तालाबों और महानदी में गणेश विसर्जन किया गया । उत्साह के साथ रंग गुलाल खेलते उड़ाते घर से लोग निकले और खुशी मनाए ।
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