रायगढ़,। रायगढ़ का नालंदा परिसर यहां के युवाओं को मेट्रो सिटीज का अनुभव देगा। बड़े शहरों की तरह यहां कुछ ऐसी सुविधाएं विकसित होंगी जिससे बच्चों का दिमाग 360 डिग्री में काम करेगा। वे करियर की केवल एक दिशा में नहीं सोचेंगे बल्कि उनके सामने विकल्पों की भरमार होगी। प्रशासन ने परिसर में एआई और स्टेम लैब के लिए ईओआई जारी की है। नालंदा परिसर के लिए आईआईएम बेंगलुरु से टाई अप करने के साथ ही यहां कुछ अलग तरह से काम किए जा रहे हैं। परिसर को तकनीकी रूप से सुसज्जित किया जाएगा। इसे केवल लाइब्रेरी तक सीमित नहीं रखा जाएगा।
नालंदा परिसर प्रबंधन सेवा समिति ने अब कुछ अतिरिक्त सुविधाओं के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट जारी किया है। पात्र संस्थाओं और कंपनियों से प्रस्ताव मंगवाए गए हैं। नालंदा परिसर में एआई/डिजिटल लिट्रेसी लैब, कैरियर काउंसिलिंग सेंटर, स्टेम/मेकर्स लैब का निर्माण होगा। हर आयु वर्ग के लोग यहां जाकर सीख सकते हैं। युवाओं को उच्च शिक्षा के विकल्पों के बारे में उनकी रुचि के हिसाब से बताया जाएगा। युवाओं यह बताया जाएगा कि किसी भी सेक्टर के अच्छे कॉलेज में दाखिला कैसे मिलेगा, स्कॉलरशिप का फायदा कैसे होगा।
एआई लैब और डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों और युवाओं को नई चीजों के बारे में बताया जाएगा। इसके लिए विशेष कोर्स भी संचालित किए जाएंगे। वहीं स्टेम लैब का भी निर्माण होगा जो सर्वथा अलग अनुभव होगा। यह एक ऐसा विशेष शिक्षण केंद्र होता है, जहां छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग गणित की अवधारणाओं को किताबी ज्ञान की बजाय व्यावहारिक तरीके से सिखाया जाता है।
कई नई विधाएं सीखेंगे बच्चे
स्टेम लैब का अर्थ एसटीईएम होता है जिसमें एस से साइंस, टी से टेक्नोलॉजी, ई से इंजीनियरिंग और एम से मैथेमेटिक्स होता है। यहां बच्चों को रोबोटिक्स, कोडिंग, 3डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एआई सेंसर, सोलर सिस्टम, हाइड्रो टर्बाइन, विंड मिल, न्यूटन के नियमों से जुड़े प्रयोग, इलेक्ट्रॉनिक्स किट, सर्किट बोर्ड, एलईडी लाइट्स, बैटरी और मोटर संबंधी सामान आदि के संबंध में बताया जाएगा। छात्रों को केवल सिद्धांतों को रटने के बजाय खुद प्रोजेक्ट बनाकर समझाया जाएगा।





