- आवारा और बीमार कुत्तों के लिए बनाई झोपड़ी, समाधि के ऊपर कुत्तों का ठिकाना, विरासत के रखवालों को शर्म नहीं
रायगढ़। बहुत शर्म की बात है, जिस सेठ किरोड़ीमल के नाम से रायगढ़ शहर जाना जाता है, उनका समाधि स्थल अब डॉग रेस्क्यू शेल्टर बन चुका है। बीमार और आवारा कुत्तों को यहां रखा जा रहा है। ये कुत्ते समाधि के ऊपर डेरा जमाए रहते हैं। जिनका घर सेठ किरोड़ीमल ट्रस्ट की कमाई से चल रहा है, उनको अवैध कमाई दबाने से फुरसत नहीं है। दानवीर सेठ किरोड़ीमल लुहारीवाला ने रायगढ़ शहर में कई ऐसे निर्माण किए, जिसकी वजह से आज इसका अस्तित्व निखरा है। कई सरकारी भवन, धर्मशाला, राइस मिल, दुकानें सेठजी की ही देन हैं।
इस संपत्ति से हो रही बेहिसाब कमाई का कोई हिसाब नहीं मांगता। चंद लोगों ने सेठ किरोड़ीमल ट्रस्ट पर कब्जा करके उसे अपने स्वार्थ पूर्ति के लिए उपयोग किया है। सेठ किरोड़ीमल की आत्मा आज उनकी बनाई दौलत का हश्र देखती होगी तो खून के आंसू गिरते होंगे। सबसे दुखद स्थिति उनके समाधि स्थल की है। ऐसा लगता है कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों में सेठजी के प्रति कोई सम्मान ही नहीं है। इसीलिए उनके समाधि स्थल का ऐसा हाल है।
अब उस जगह को आवारा और बीमार कुत्तों के रेस्क्यू शेल्टर के रूप में उपयोग किया जा रहा है। बाहर से बीमार कुत्तों को पकडक़र अंदर बनी झोंपड़ी में रखा जाता है। ये कुत्ते बाहर आकर समाधि के ऊपर डेरा जमाए रहते हैं। सभी ओर गंदगी फैली हुई है। ऐसा लगता है जैसे कई महीनों से सफाई भी नहीं हुई है। यहां तीन समाधियां बनी हुई हैं, जिन पर कुत्तों का राज है। जूट मिल मेन रोड किनारे ही स्थित समाधि परिसर का हाल समाजजनों को भी नजर नहीं आता।
जो संपत्ति का दोहन कर रहे, वे ही चुप
सेठ किरोड़ीमल ट्रस्ट की संपत्तियों को बेच-बेच कर अकूत दौलत इकट्ठा कर चुके लोगों को समाधि से कोई मतलब नहीं है। वे तो एक के बाद एक संपत्तियों की बिक्री कर रहे हैं। समाधि स्थल को डॉग शेल्टर बनाकर रखने वाले यही पदाधिकारी सेठ किरोड़ीमल की बनाई दौलत पर अपनी पहचान बना चुके हैं।

हादसे में घायल कुत्तों को भी रखा
समाधि परिसर में रखे गए आवारा कुत्ते गंदगी फैला रहे हैं। सवाल यह है कि दानवीर सेठ की समाधि को संभालकर नहीं रखा गया है। हादसे में वाहनों से कुचले गए घायल कुत्तों को लाकर यहां रखा जाता है। बीच-बीच में आकर कोई उनको खाना दे जाता है। समाधि के ऊपर चढक़र कुत्ते गंदगी फैला रहे हैं।









