खून से रंगे 16 ब्लैक स्पॉट, इसी के आसपास ज्यादा मौतें

  • इस साल 278 लोगों की जा चुकी है जान, शहर में सबसे ज्यादा हादसे चक्रधर नगर में

रायगढ़। जैसे ही शहर के आसपास कोई जानलेवा सड़क हादसा होता है, जागरूकता, सडक़ सुरक्षा, सावधानी की चर्चा होने लगती है। हकीकत यह है कि हर दिन औसतन एक से ज्यादा मौतें हादसों में हो रही हैं। 16 ब्लैक स्पॉट तो खून से रंगे हुए हैं। जिले में कोयला, रेत, आयरन ओर, स्टील प्रोडक्ट, कबाड़ आदि का परिवहन कर रहे भारी वाहन ही सडक़ हादसों का कारण हैं, ऐसा स्थापित किया जाता है। जबकि यह पूरा सच नहीं है। ज्यादातर हादसे ओवरस्पीडिंग की वजह से हो रहे हैं। पुलिस ने हादसों के स्थलों की मैपिंग की तो 16 ऐसे स्पॉट सामने आए जहां सबसे ज्यादा सडक़ हादसे हुए हैं। हर साल इन्हीं जगहों पर एक्सीडेंट हो रहे हैं।

वर्ष 2024, 2025 और जुलाई 2026 तक इन ब्लैक स्पॉट के आसपास हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। वर्ष 24 में 16 ब्लैक स्पॉट के आसपास 696 दुर्घटनाओं में 407 लोगों की जानें गईं, 2025 में संख्या बढक़र 743 हादसों में 415 मौत हो गई। अब जुलाई 2026 तक की स्थिति में 490 प्रकरणों में 278 लोगों की मौत दुर्घटनाओं में हो चुकी है। इन ब्लैक स्पॉट्स में सुधार के नाम पर रंबल स्ट्रिप गति अवरोधक, संकेत बोर्ड, डिवाईडरों में रेडियम संकेतक बोर्ड जैसे काम किए गए। जबकि हाईवे पर पार्क की गई गाडिय़ां भी हादसों का एक प्रमुख कारण हैं। सुप्रीम कोर्ट से आदेश के बाद ही जिले में हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स का गठन हुआ है। इसके पहले ऐसी कोई टीम ही नहीं थी।

ये हैं सबसे ज्यादा खतरनाक ब्लैक स्पॉट
दुर्घटनाओं व स्थलों की मैपिंग करने के बाद जिले में 16 ऐसे ब्लैक स्पॉट मिले जिसके 500 मीटर दायरे में सबसे ज्यादा हादसे हुए और मौतें हुईं। छातामुड़ा चौक, पटेलपाली, कोंड़ातराई, उर्दना तिराहा, जोरापाली, कांशीचुआं, मुरा चौक, नावापारा चौक, कुनकुनी, सिसरिंगा घाट, कंचनपुर, दर्रीपारा, फगुरम, देवगढ़, तेतला और चोढ़ा चौक में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है।

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