3200 सरकारी कर्मचारियों ने लिया महतारी वंदन का लाभ, रायगढ़ से एक भी नहीं !

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 112, सक्ती में 205 और जांजगीर चांपा में 188 महिलाएं ले रही गलत लाभ

महालेखाकार ने किया ऑडिट, उपलब्ध सूची से किया महिलाओं के नाम का मिलान

रायगढ़ । महतारी वंदन योजना के लिए पंजीयन के समय कई महिलाओं ने वास्तविक जानकारी छिपाई थी। उनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में होने के बाद भी वे हर महीने लाभ लेती रहीं। कैग ने सरकारी डाटा से महिलाओं का मिलान किया तो 3212 ऐसी मिलीं। अब हर जिले को निर्देश देकर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसमें रायगढ़ जिले की एक भी महिला नहीं है। महतारी वंदन योजना लागू होने के समय महिला एवं बाल विकास विभाग ने फिल्टर करने के लिए कोई मैकेनिज्म नहीं बनाया था। जिसने आवेदन भरा, उसको भुगतान शुरू कर दिया गया। दो साल बाद ई-केवायसी कराने का आदेश दिया गया।

अप्रैल 2024 में रायगढ़ जिले में 3,06,758 महिलाओं को 27,93,18,250 रुपए का भुगतान किया गया था। सरकारी नौकरी वाली शर्त के हिसाब से कभी समीक्षा नहीं की गई थी। अब कैग ने प्रदेश के सभी जिलों की हितग्राही सूची को शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों की सूची से मिलान किया। इसमें 22 जिलों के 3212 महिलाओं का पता चला जो खुद या उनके परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है। अब इनका भुगतान रोकते हुए वसूली करने का आदेश दिया गया है। कैग ने ऑडिट में यह गड़बड़ी पकड़ी है। अभी दूसरी शर्तों के हिसाब से सूची की जांच नहीं की गई है। आयकरदाता होना भी अपात्रता का एक कारण है।

22 जिलों में रायगढ़ नहीं है। यहां एक भी ऐसी महिला नहीं मिली जिसके परिवार का सदस्य सरकारी नौकरी में हो। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 112, सक्ती में 205 और जांजगीर-चांपा में 188 महिलाओं की सूची सामने आई है। सबसे ज्यादा धमतरी में 394 और बिलासपुर में 337 महिलाएं हैं। रायगढ़ में पहले ही 185 महिलाओं का भुगतान होल्ड किया जा चुका है, जिनके परिजन शासकीय सेवक हैं।

रायगढ़ में 1000 महिलाएं अपात्र
रायगढ़ जिले में 1017 महिलाएं अपात्र हो चुकी हैं। इनमें सबसे ज्यादा 668 हितग्राहियों के दो आवेदन आए थे। मजे की बात यह है कि इनको दो बार भुगतान हो रहा था। 26 महिलाएं ऐसी हैं जिनको 21 साल भी नहीं हुए हैं लेकिन दो साल तक उनको भुगतान किया गया। 21 अविवाहित हैं। 23 महिलाएं दूसरे राज्यों की निवासी हैं, लेकिन यहां आवेदन भरकर दो साल से लाभ ले रही हैं। 6 महिलाएं इन्कम टैक्स दाता हैं। 88 महिलाएं योजना की शर्तोंे के हिसाब से अब अपात्र हो गई हैं।

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