लक्ष्मीनारायण लहरे, रायगढ़।
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह 2025 की नवमी संध्या पर सांस्कृतिक परंपराओं और साहित्यिक गरिमा का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने राजा चक्रधर सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। समारोह की विशेष कड़ी में साहित्यकार तेजराम नायक “तेज ” द्वारा रचित काव्य कृति “तेजाक्षरी” का विमोचन सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर सांसद श्री सिंह ने कहा कि चक्रधर समारोह केवल शास्त्रीय संगीत और नृत्य की परंपरा का प्रतीक ही नहीं, बल्कि साहित्यिक योगदान को भी नई पहचान देता है। सांसद श्री सिंह ने कवि तेज को उनकी कृति तेजाक्षरी के प्रकाशन पर बधाई देते हुये कहा कि यह कृति पाठकों के हृदय में स्थान बनाये ऐसी मेरी शुभकामना है।
तेजाक्षरी के लेखक कवि तेजराम नायक ‘तेज’ ने पुस्तक के बारे में पूछे जाने पर बताया कि यह पुस्तक उनकी दूसरी कृति है जो घनाक्षरी छंद को समर्पित है जिसमें घनाक्षरी छंद के सभी प्रकार एवं उनके विधान को बहुत ही बारीकी से उदाहरण सहित बताया गया है, साथ में उनके द्वारा रचित घनाक्षरी छंदों का संग्रह है, जो घनाक्षरी छंद में रूचि रखने वालों के लिये पथ प्रदर्शन का कार्य करेगी। इसलिये इस संग्रह का नाम “तेजाक्षरी” – घनाक्षरी पथ प्रदर्शिका एवं संग्रह रखा गया है। उनकीं पहली कृति साहित्यमेघ चर्चित था वहीं उनके 50 से अधिक साझा संग्रह प्रकाशित हो चुकी है । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला-प्रेमी, साहित्यकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरा वातावरण शास्त्रीय संगीत, साहित्यिक विमर्श और सांस्कृतिक गरिमा से सराबोर रहा। तेजाक्षरी के विमोचन पर कवि तेजराम नायक को उनके साहित्यकार साथियों, शिक्षकों, सामाजिक पदाधिकारियों, एवं क्षेत्रवासियों ने शुभकामनायें प्रेषित की है।




