तमनार। ओ0 पी0 जिंदल स्कूल सावित्रीनगर में आज दिनांक 27 नवंबर को एक भव्य विज्ञान प्रदर्षनी का आयोजन किया गया। आयोजन की शुरुआत विषेष प्रार्थना सभा से की गई। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि, प्राचार्य श्री राकेष शर्मा जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर सभा का शुभारंभ किया। तत्पष्चात मंच से विज्ञान पर आधारित विचार प्रस्तुत किया गया। मंच पर ही नन्हे वैज्ञानिकों ने आँखों को यकीन न होने वाले जादू के कई खेल दिखाए जो वस्तुतः विज्ञान के सिद्धांतों पर आधारित थे। विज्ञान से संबंधित प्रष्नावली भी दर्षक दीर्घा में बैठे बच्चों से पूछे गए। सभा को मनोरंजक बनाने हेतु गीत और नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। नन्हें बच्चों ने इस अवसर पर अलबर्ट आइंस्टीन, न्यूटन, दर्षना रंगनाथन, रामानुजन, इंदिरा हिंदुजा, सुधामूर्ति, डाॅ0 सोमनाथ और एस0 स्वामीनाथन जैसे मषहूर हस्तियों की वेषभूषा में उनके दिए योगदान का उल्लेख किया। स्कूल के प्राचार्य श्री राकेष शर्मा जी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों में जिज्ञासा की भावना और प्रष्न करने की प्रवृत्ति पर ज़ोर दिया जाना चाहिए।

बच्चों ने अलग-अलग कक्षाओं में रखे गए विज्ञान के कार्यकारी माॅडल एवं परियोजना के सिद्धांतों को निर्णायक मंडली के समक्ष पूरे आत्मविष्वास के प्रस्तुत किया, इनमें सौर ऊर्जा, सड़क सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, बाढ़ चेतावनी प्रणाली, पर्यावरण, कचरे से ऊर्जा आदि से संबंधित माॅडल सबसे ज़्यादा सराहे गए। माता-पिता, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की। अतिथियों ने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियों से बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित होती है और भविष्य में देश को नवीन शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों की एक नई पीढ़ी मिलती है।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु मुख्याध्यापक श्री के0 के0 पाण्डेय एवं विज्ञान विभाग के अध्यक्ष श्री लोकनाथ प्रधान का विषेष योगदान रहा। उन्होंने सभी षिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सहयोग एवं योगदान हेतु उनके प्रति आभार प्रदर्षित किया




