रायगढ़। विश्व के सबसे विशाल लोकतंत्र का 79वाँ स्वतंत्रता दिवस का पर्व एवं द्वापर युग के महानायक देवकीनंदन का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास एवं धूमधाम से सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय लोचन नगर रायगढ़ में मनाया गया। यह उत्सव दो चरणों में मनाया गया। प्रथम चरण में सर्वप्रथम विद्यालय मंच के सम्मुख राष्ट्रीय ध्वज का पूजन अर्चन कर ध्वजारोहण किया गया। इसमें मुख्य अतिथि डॉक्टर डी.पी. साहू (भूतपूर्व प्राचार्य एवं विश्वविद्यालय बिलासपुर के डायरेक्टर), कार्यक्रम के अध्यक्ष शिशिर वर्मा (अधिवक्ता एवं सशिमं समिति रायगढ़ के सम्मानीय सदस्य )विशिष्ट अतिथि डी. पटनायक( उपाध्यक्ष सशिमं समिति रायगढ़ एवं सशिमं लोचन नगर विद्यालय के प्रभारी), चंद्रकांत पंजाबी( भूतपूर्व छात्र) के साथ प्राचार्य कुबेर लाल माली भी मंचासीन रहे कार्यक्रम का संचालन संघमित्र मिश्रा ने किया एवं छायांकन वीणा सिंह प्रियंका रेड्डी एवं विकास सोनी के द्वारा किया गया।

इसके बाद विद्यालय के सभा कक्ष में सांस्कृतिक कार्यक्रम आरंभ हुआ जिसमें सर्वप्रथम मंचासीन अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती,ओम,भारत माता के छायाचित्रों एवं देवकीनंदन की प्रतिमा के समक्ष पूजा अर्चन करते हुए दीप प्रज्वलित किया गया और दीप वंदना की गई। फिर विद्यादानी मां सरस्वती की वाद्य यंत्र के साथ वंदना की गई इसके बाद विद्यालय के प्राचार्य कुबेर लाल माली ने मंचासीन अतिथियां का परिचय कराया एवं छात्रों द्वारा रोली से तिलक वंदन करते हुए श्रीफल एवं पुष्पगुछ भेंट किया, साथ ही साथ स्वागत गीत गया गया। इसके बाद आयुष साहू ने अपना उद्बोधन प्रस्तुत किया फिर चेतन गुप्ता एवं साथियों द्वारा छत्तीसगढ़ का राज्यगीत अरपा पैरी की धार….को मधुर स्वर में गाया।जिसकी सभी ने सराहना की। अंजली किसान ने अंग्रेजी में उद्बोधन दिया फिर लीना दर्शन ने एक आकर्षक नृत्य- जहां पांव में पायल…. गीत पर प्रस्तुत किया। इसके बाद आकांक्षा तिवारी ने भी अंग्रेजी में आजादी के पर्व पर अपने विचार रखें। इसके बाद कक्षा अरुण उदय एवं प्रथम के भैया बहनों द्वारा एक सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया फिर समर पटेल ने एक अपने विचार अंग्रेजी माध्यम में व्यक्त किया फिर कक्षा प्रथम से दीक्षा एवं साथियों द्वारा एक मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। फिर आचार्या वीणा सिंह नेआजादी पर स्वारचित कविता का पाठ किया। इसके बाद मुख्य अतिथि की आसंदी से डॉक्टर डी.पी.साहू ने कहा कि हमें बड़े कुर्बानियों के साथ यह आजादी प्राप्त हुई है और इसके लिए ज्यादातर 13 14 वर्ष से 25 वर्षों तक के पुरुषों एवं महिलाओं ने ज्यादा यातना सही उन्होंने भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव के बारे में भी विस्तार से बताया तथा विद्यालय के पुस्तकालय विभाग को पुस्तकों का एक सेट भेंट किया और आजादी के पर्व एवं जन्माष्टमी की बधाई दी इसके बाद चंद्रकांत पंजाबी ने बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया और कहा हम अपने हमें अपने घर बाहर एवं विद्यालय सभी जगह स्वच्छता का विशेष ध्यान देना चाहिए इसके बाद पटनायक जी ने भी आशीर्वाद प्रदान करते हुए बच्चों को आजादी का महत्व एवं श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को बताया इसके बाद गत वर्ष की परीक्षा में प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले भैया बहनों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। फिर प्राचार्य जी ने आगंतुक अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस तरह प्रथम चरण का उत्सव समाप्त हुआ।

फिर 30 मिनट पश्चात देवकीनंदन का जन्मोत्सव मनाने का श्री गणेश हुआ। जिसमें मंच पर श्री डी. पटनायक, चन्द्रकान्त पंजाबी, कुबेर लाल माली एवं वरिष्ठ आचार्य अंजनी श्रीवास्तव विराजित हुए, परंपरा अनुसार सरस्वती माता, ओम, भारत माता के छायाचित्रों एवं यशोदा नंदन श्रीकृष्ण का पूजन अर्चन किया और माखन मिश्री से भोग लगाया गया। फिर सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुआ, फिर चेतन गुप्ता ने एवं साथियों ने मनभावन गीत मधुरम् मधुरम्… गीत गया. कक्षा अरुण उदय प्रथम के भैया बहनों में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में राधा कृष्ण एवं बाल बाल बनकर प्रस्तुति दी जो बहुत ही चिंता कृषक रही है इसके बाद परिधि साहू एवं साथियों ने मनमोहक नृत्य राधा गोरी गोरी गीत पर प्रस्तुत किया फिर पूर्वी एवं उसके साथियों ने छोटी-छोटी गईया छोटे छोटे ग्वाल छोटो सो मेरो मदन गोपाल… गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया जो अति सराहनीय रहा।उसके बाद आचार्य अंजनी श्रीवास्तव में जन्माष्टमी के उत्सव पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा भगवान कृष्ण का जीवन हमेशा लोक कल्याणकारी और भक्त वत्सल रहा है. उनके जन्म से ही अनेक संकटों का सामना उन्हें करना पड़ा और कंस को मार कर मथुरा को अत्याचार से मुक्त कराया। इसके बाद चंद्रकांत पंजाबी ने भी कृष्ण जन्म से शिक्षा लेने की प्रेरणा दी। इसके बाद प्राचार्य कुबेर लाल माली जी ने आभार व्यापित किया और उत्सव का सबसे आकर्षक कार्यक्रम मटकी फोड़ आयोजित हुआ। जिसमें कृष्ण राधा की रूप सजा में आए भैया बहनों ने मटकी फोड़ी। इसके बाद कल्याण मंत्र द्वारा उत्सव का समापन हुआ, और सभी को प्रसाद एवं मिष्ठान प्रदान किया गया।

इस उत्सव को सफल बनाने में विद्यालय के आचार्य परिवार के सभी सदस्य एवं छात्र परिषद के सभी सदस्यों ने अतुलनीय योगदान दिया और पूरे मनोयोग से लग रहे उक्त जानकारी विद्यालय के प्रचार प्रसार विभाग के प्रमुख अंजनी श्रीवास्तव ने दी है।




