रायगढ़। राज्यपाल पुरस्कृत प्रधान पाठिका ने अपनी कविता पढ़ मां सरस्वती की पूजा -अर्चना , वंदना,शालेय शिक्षकों,स्टाफ व बच्चों के साथ मां शारदे की पूजा -अर्चना कर शाला की प्रगति , शांति सह विद्या के अधिकार हेतु प्रार्थना कर आशीर्वाद लिया।इस अवसर पर पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।सबके चेहरे पर उत्साह झलक रहा था। पूजा पश्चात् सभी ने भोग-प्रसाद ग्रहण किया।

सरस्वती वंदना
कर जोड़ माँ करती नमन अब शारदे वरदान दो|
हिय से मिटा कर तम घना सच झूठ की पहचान दो||
सुर को सजा कर गा सकूँ हर गीत को लय राग से|
नित वंदना करती रहूँ सरगम मधुर सुर तान दो||
नव छंद नित रचती रहूँ गुरु की कृपा रख शीश पर|
यह लेखनी लिखती युगल अब
गीतिका सुन ज्ञान दो||
कविता कहूँ ग़जलें लिखूँ फिर गान भी मनसे करूँ|
लिखते रहें नव छंद सब सबको सदा नित भान दो ||
सर हाथ माँ रखना सदा नित सत्य के पथ पर चलूँ|
धन देश के हित जो लुटा सकता बना धनवान दो||
नित जोत जगमग ज्ञान की जलती रहे बस रात दिन|
अब खोल दो हिय द्वार का पट मत कभी अभिमान दो ||
डॉ.मनीषा त्रिपाठी
रायगढ़,छत्तीसगढ़




