- ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत तमनार पुलिस की कार्रवाई
- पुलिस बल पर हमला, लूटपाट, आगजनी, बलवा और शासकीय कार्य में बाधा समेत गंभीर धाराओं में कार्रवाई
- 27 दिसंबर 2025 की हिंसा में पुलिस वाहनों और प्रशासनिक वाहनों में तोड़फोड़ व आगजनी का आरोप
- सीसीटीवी फुटेज और विवेचना के आधार पर आरोपियों की पहचान, अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी
रायगढ़। तमनार के CHP चौक लिबरा हिंसा मामले में रायगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत 3 महिलाओं समेत 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की घटना में संलिप्तता के संबंध में साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें 5 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्रवाई के साथ मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 38 हो गई है।
जनसुनवाई के विरोध में चल रहा था आंदोलन
गारे पेलमा सेक्टर-01 कोयला परियोजना की जनसुनवाई के विरोध में दिसंबर 2025 से लिबरा स्थित CHP चौक पर प्रभावित गांवों के लोगों द्वारा धरना-प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी की जा रही थी। पुलिस और प्रशासन की ओर से आंदोलनकारियों को लगातार शांति बनाए रखने तथा कानून व्यवस्था का पालन करने की समझाइश दी जा रही थी।
27 दिसंबर को आंदोलन के उग्र होने का आरोप
पुलिस के अनुसार 27 दिसंबर 2025 को कानून व्यवस्था ड्यूटी के दौरान आंदोलन अचानक उग्र हो गया। आरोप है कि राजेश मरकाम, अनिल बेहरा सहित अन्य लोगों ने आंदोलनकारियों को उकसाया, जिसके बाद पुलिस बल पर लाठी, डंडे, टांगी और पत्थरों से हमला किया गया। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। इसी दौरान शासकीय वॉकी-टॉकी और मोबाइल फोन लूटे जाने की बात भी पुलिस ने कही है।
पुलिस और प्रशासन के वाहनों में तोड़फोड़-आगजनी
पुलिस के मुताबिक उग्र भीड़ ने पुलिस दल को घेरकर लगातार पथराव किया। सड़क किनारे खड़े पुलिस के शासकीय वाहनों और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। प्लांट परिसर में भी तोड़फोड़ किए जाने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने जले हुए वाहनों का नुकसानी पंचनामा तैयार किया तथा घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज को विवेचना में शामिल किया।
गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला
घटना को लेकर थाना तमनार में अपराध क्रमांक 307/2025 और 308/2025 दर्ज किए गए हैं। प्रकरण में BNS की धारा 126(2), 296, 351(2), 109(1), 191(2), 191(3), 190, 324(4), 328(f), 132, 121(1), 61(2) और 49 के तहत कार्रवाई की गई है। विवेचना के दौरान 14 जुलाई 2026 को एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5)(क) भी जोड़ी गई।
पहले राजेश, अनिल और शिवशंकर हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार प्रकरण में राजेश मरकाम को 1 जुलाई 2026, अनिल बेहरा को 10 अगस्त 2026 और शिवशंकर प्रधान उर्फ शंकर गुप्ता को 2 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
अब गिरफ्तार किए गए कमलेश सेठ, अम्बिका चौधरी, सुनाउ सिदार, तपस्विनी प्रधान और भगवति सिदार के संबंध में पुलिस ने मारपीट में शामिल होने की पुष्टि होने का दावा किया है। पूछताछ के दौरान अपराध में शामिल होना स्वीकार किए जाने और विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पांचों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
इन पांच आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
- कमलेश सेठ, पिता गौरांग सेठ, उम्र 26 वर्ष, निवासी बिजना, थाना तमनार, रायगढ़।
- अम्बिका चौधरी, पति गणपति चौधरी, उम्र 55 वर्ष, निवासी आमगांव, थाना तमनार, रायगढ़।
- सुनाउ सिदार, पिता पिलाराम सिदार, उम्र 62 वर्ष, निवासी लिबरा, थाना तमनार, रायगढ़।
- तपस्विनी प्रधान, पति लिंगराज प्रधान, उम्र 35 वर्ष, निवासी झरना, थाना तमनार, रायगढ़।
- भगवति सिदार, पति स्व. भजन सिदार, उम्र 47 वर्ष, निवासी धौराभाठा, थाना तमनार, रायगढ़।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव और थाना स्टाफ की भूमिका रही। रायगढ़ पुलिस के मुताबिक गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ जारी रहेगा और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली हिंसक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी का संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले और गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपियों की लगातार पतासाजी कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जा रहा है तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी और निष्पक्ष कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता है।




