लकड़ी व खाल तस्करी के इंटरस्टेट नेटवर्क का भंडा फूटा, मनीष अग्रवाल समेत 3 लोग पुलिस कस्टडी में

रायगढ। वन विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने लकड़ी तस्करी मामले में अंतर्राज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना मनीष अग्रवाल सहित उसके दो साथियों को अपने हत्थे चढ़ाया है। वहीं तीनों को हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ के बाद इमारती लकडिय़ों की तस्करी का बड़ा मामला सामने आयेगा। बताया जा रहा है कि पुष्पा स्टाईल में लकडिय़ों के साथ ही वन्य प्राणियों के खाल की तस्करी में यह गिरोह सक्रिय है। वहीं अलग-अलग राज्यों में खैर लकड़ी की तस्करी से भी इनके तार जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। रायगढ़ में अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्करी के बड़े गिरोह का पुलिस व वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से भंडाफोड़ किया है।

संयुक्त टीम ने गिरोह के मुख्य सरगना मनीष अग्रवाल सहित तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। बताया जा रहा है आरोपी अलग-अलग जिलों के जंगलों में पेड़ों की कटाई कर अवैध रूप से लकडिय़ों की तस्करी कर रहे थे। वहीं इस गिरोह के खैर लकड़ी की तस्करी से भी तार जुड़े होने की बात सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने तस्करी की लकडिय़ों के साथ ही परिवहन में इस्तेमाल होने वाली ट्रक को भी जब्त किया है। बताया जा रहा है कि इस गिरोह के तस्करी का नेटवर्क रायगढ़ के अलावा महासमुंद, जांजगीर और कोरबा जिले के जंगलों के अलावा अन्य राज्यों में भी फैला हुआ था। वहीं रायपुर जिले के अभनपुर में खैर लकड़ी की तस्करी के मामले से भी इस गिरोह के तार जुड़े होने की बात सामने आ रही है।

फिलहाल, पुलिस द्वारा की जा रही पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ ही दूसरे राज्यों से जुड़े नेटवर्क का भी खुलासा होने की संभावना है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मूलत: सरसीवां क्षेत्र निवासी मनीष अग्रवाल गिरोह बना कर लंबे समय से लकड़ी तस्करी के गोरख धंधे में लिप्त है। पूर्व में बाघ खाल की तस्करी मामले में भी पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था परंतु न्यायालय से जमानत मिलने के कारण मनीष रिहा हो गया था और बाहर आते ही फिर से तस्करी शुरू कर दी थी। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मनीष अग्रवाल के खिलाफ मामले दर्ज होने की बात भी सामने आ रही है। वहीं विश्वस्त सूत्रों के अनुसार पूर्व में रायगढ़ में लकड़ी तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया था, जिसमें मनीष का एक साथी वन विभाग के हत्थे चढ़ा था।

वहीं पूछताछ में मनीष का भी नाम आने पर उसके विरूद्ध भी प्रकरण दर्ज कर पतासाजी की जा रही थी। वहीं मनीष अग्रवाल लकड़ी तस्करी मामले में महासमुंद जेल में निरूद्ध था, गुरूवार की दोपहर को वह जेल से रिहा हुआ है। चूंकि रायगढ़ में भी उसके विरूद्ध प्रकरण में जांच चल रही है लिहाजा रायगढ़ के वन विभाग एवं पुलिस द्वारा लगातार उसकी पतासाजी की जा रही थी। वहीं गुरूवार को उसके जेल से रिहा होने की जानकारी मिलने पर संयुक्त टीम ने महासमुंंद पहुंच कर घेराबंदी करते हुए जेल से बाहर आते ही उसे हिरासत में लेते हुए रायगढ़ लाया। बहरहाल, पुलिस मनीष और उसके दो अन्य साथियों से पूछताछ कर रही है तथा शुक्रवार को पुलिस की ओर से पूरे मामले का खुलासा करने की संभावना है।

क्या कहते हैं एसएसपी
पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय तस्कर मनीष अग्रवाल एवं उसके दो साथियों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में जा बात सामने आई है उसमें यह अंतर्राज्यीय गिरोह है जो बहुत ही सुनियोजित तरीके से इनकी अलग-अलग टीम के द्वारा बड़ी मात्रा में यहां के जंगलों से पेड़ों की कटाई कर के तस्करी किया जा रहा था। जल्द ही इस मामले का विस्तृत खुलासा किया जायेगा।
– शशि मोहन सिंह एसएसपी रायगढ़

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