रायगढ। आमतौर पर पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए पेट्रोलियम कंपनियां बेहद सावधानी से स्थल का चुनाव करती हैं। बड़े रामपुर में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के रायगढ़ प्रभारी ने सही जानकारी छिपाई ताकि नियम विरुद्ध पंप स्थापित किया जा सके। प्रशासनिक स्तर पर भी नोडल अधिकारी ने एक पंप के बाजू में दूसरे को अनुमति दिलाने फाइल बढ़ाई। रायगढ़ जिले में एक पेट्रोल पंप को स्थापना की अनुमति देने में नियम दरकिनार कर दिए गए हैं। आजू-बाजू में दो पंपों को मंजूरी दी जा रही है।
बड़े रामपुर में एचपीसीएल को एक पंप स्थापना की अनुमति दी जा चुकी है, जो स्थापित भी हो चुका है।अब वहीं 30 मीटर की दूरी पर इंडियन ऑयल का पंप खोलने के लिए फाइल चल रही है। 2014 के पहले तक कोई नियम नहीं था जिसमें दो पेट्रोल पंपों के बीच न्यूनतम दूरी तय की गई हो। ऐसे कई मामले सामने आने के बाद केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 24 जुलाई 2013 को एक गाइडलाइन जारी की है। यह नियम 2014 से लागू हो चुके हैं। इसके तहत सडक़ों पर एक ही ओर दो पेट्रोल पंपों के बीच न्यूनतम 300 मीटर की दूरी होनी चाहिए, लेकिन रायगढ़ में कोई नियम नहीं हैं।
यहां दो पंपों के बीच मात्र 30 मीटर का गैप है। बड़े रामपुर में पहले हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कंपनी को एक पंप खोलने की अनुमति दी गई। इस पंप का काम अंतिम चरण में है। इसके बाद उसने 30 मीटर में ही इंडियन ऑयल का पंप स्थापित करने की अनुमति मांगी है। इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारी ने एचपीसीएल के पंप स्थापित होने की बात हेड ऑफिस से छिपाई है। प्रतिवेदन में बता दिया जाता कि यहां एचपी का एक पंप पहले से स्थापित हो रहा है, तो दूसरे को अनुमति नहीं मिलती।
फर्जी सर्टिफिकेट मामले में नहीं हुई कार्रवाई
पंप की एनओसी के लिए फर्जी सर्टिफिकेट देने के कई मामले सामने आ चुके हैं। कार्रवाई नहीं होने की वजह से रायगढ़ में फिर से ऐसा हुआ। उसने खनं 20 रकबा 0.0930 हे. डायवर्टेड और 21/1 रकबा 0.2790. हे कृषि भूमि में पंप स्थापित करने का आवेदन किया है। एक जमीन अभी भी व्यपवर्तित नहीं हुई है। इस जमीन से लगकर वन कम्पार्टमेंट नंबर 896 की भूमि भी है। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की एनओसी भी फर्जी पाई गई। जांच में मामला पकड़ा गया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।




