- कोर्ट ने कहा- जमानत दी तो बढ़ेगा मनोबल, पूर्व में भी चोरी के गहने खरीदने की रही है संलिप्तता
- आदतन मानकर अदालत ने अर्जी की खारिज, खरसिया के परिवार ने बिलासपुर में की थी शादी
रायगढ़ । बिलासपुर के सरकंडा में रहने वाली एक नाबालिग को डरा-धमकाकर उसके परिवार से करीब 450 ग्राम सोने के जेवर और 14.50 लाख रुपए हड़पने के चर्चित मामले में पुलिस ने कम कीमत पर सोने के जेवर खरीदने वाले दो खरीदारों समेत पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें जेवर खरीदने वाली महिला की जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक महिला खरसिया की है, जिसकी शादी बिलासपुर में हुई। सरकंडा की एक पीडि़त ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जनवरी 2025 से एक जुलाई 2026 के बीच आरोपियों ने उसकी
नाबालिग नातिन को लगातार डरा-धमकाकर और स्वजन की हत्या की धमकी देकर उससे 14.50 लाख रुपए तथा लगभग 450 ग्राम सोने के जेवर ले लिए। पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने दो अगस्त को आयुष यादव, आदर्श शर्मा, प्रिंस साहू और आदित्य पांडे को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में अन्य आरोपियों के नाम सामने आने पर पुलिस ने प्रियम शर्मा, आकाश झा, शौर्य करोलिया, राजेश सोनी उर्फ राजू और खुशबू बुधिया को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि धमकाकर हासिल किए
सोने के जेवर कम कीमत पर खुशबू बुधिया को बेचे गए थे। गिरफ्तार ज्वेलरी व्यवसायी राजेश सोनी और खुशबू बुधिया को न्यायालय ने जेल भेज दिया गया। खुशबू मूल रूप से खरसिया की रहने वाली है जिसका विवाह बिलासपुर में हुआ है। पुलिस ने जांच में पाया कि खुशबू पहले भी चोरी के जेवर अवैध तरीके से खरीदने में संलिप्त रही है। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने खुशबू को करीब 15 तोला सोने के जेवर दिए। इसके बदले महिला ने उन्हें महज तीन लाख रुपए दिए थे।
क्या खरसिया से भी है कुछ कनेक्शन
इसके बाद खुशबू ने अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष जमानत आवेदन प्रस्तुत किया। लेकिन अदालत ने खुशबू पति अभिषेक बुधिया का आवेदन खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी महिला ने पूर्व में किए गए आपराधिक कृत्य की पुनरावृत्ति करते हुए पुन: वही अपराध किया। जमानत दी गई तो उसका मनोबल बढ़ेगा। कोर्ट ने इस आधार पर खुशबू की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। पुलिस अन्य खरीदारों की जानकारी जुटा रही है। खरसिया से भी कुछ कनेक्शन मिल सकता है।



