एचपीसीएल के नाम पर बेचे जा रहे कथित ‘एनक्लो-68’ आयल की तीन बाल्टियां जब्त, सप्लाई नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस।खरसिया। खरसिया में नामी कंपनी के आड़ में ‘नकली लुब्रिकेंट आयल खपाने के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कमल आटो सेंटर में दबिश देकर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड के नाम से बेचे जा रहे कथित नकली ‘एनक्लो-68’ आयल की तीन बाल्टियां जब्त की हैं। मामले में दुकान संचालक मोहन कुमार अग्रवाल (42) के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, ईआईपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ जांच अधिकारी प्रार्थी शुभाशीष डे (42) पिता कालीदास डे निवासी चार नंबर चोडोंगीलेन डायमण्ड चेम्बर थाना पार्क स्ट्रीट जिला कोलकाता पश्चिम बंगाल ने 13 अगस्त को लिखित आवेदन पत्र शिकायत दिया।कमल आटो सेंटर में एचपीसीएल के असली उत्पादों की आड़ में नकली लुब्रिकेंट आयल का भंडारण और बिक्री की जा रही है। इससे कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकंसान पहुंचने के साथ ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की आशंका जताई गई। शिकायत के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश और अनुविभागीय पुलिस टीम ने कमल आटो सेंटर में की कार्रवाई व लुब्रिकेंट आयल की बाल्टियां जब्त की। अधिकारी सतीश भार्गव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कमल आटो सेंटर पता शहीद नंद कुमार पटेल मार्ग मंगल बाजार रोड़ खरसिया के दुकान में दबिश दी।तलाशी के दौरान एचपीसीएल के नाम से पैक ‘एनक्लो’ चिकनाई तेल की तीन बाल्टियां बरामद हुईं। प्रत्येक बाल्टी में 26 लीटर तेल था।
पुलिस ने जब्त सामग्री को, जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है। कार्रवाई के बाद अब पुलिस यह फ्ता लगाने में जुटी है कि कथित नकली तेल की आपूर्ति कहां से हुई और इसे खरसिया में कितने समय से बेचा जा रहा था। जांच के दौरान आपूर्ति करने वालों और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है। पेट्रोलियम कंपनी के कर्मचारियों की शिकायत पर संबधित दुकान कमल आटो सेंटर पर बीते दिन दबिश देकर कार्रवाई की गई है। पूरे मामले की जांच चल रही है।क्या कहते हैं त्रिपाठी खरसिया में एफआईआर रदर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4), 347 और 349 के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की आगे जांच जारी है। कार्रवाई से कालाबाजारियों में हडक़ंप है।– त्रिनाथ त्रिपाठी, थाना प्रभारी खरसिया




