रायगढ़। ग्राम पंचायत सपनई के आश्रित ग्राम बलभद्रपुर में एम.एस.पी. उद्योग द्वारा कथित तौर पर निर्धारित सीमा से अधिक फ्लाई ऐश डंप किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों एवं शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जिस भूमि पर करीब 1.60 लाख टन फ्लाई ऐश के भराव की अनुमति दी गई थी, वहां अब भारी मात्रा में फ्लाई ऐश जमा कर बड़े-बड़े पहाड़ खड़े कर दिए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि मौके पर जमा फ्लाई ऐश की मात्रा 10 लाख टन से अधिक हो सकती है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस मामले को लेकर 13 अप्रैल 2026 को क्षेत्रीय कार्यालय, पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायगढ़ में लिखित शिकायत दी गई थी। इसके बाद 12 मई 2026 को भी पर्यावरण अधिकारी के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की गई। आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है।
मिट्टी, हवा और वन प्रभावित होने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लगातार फ्लाई ऐश डंप किए जाने से बलभद्रपुर और आसपास के क्षेत्र की मिट्टी एवं हवा प्रदूषित होने के साथ प्राकृतिक एवं वन क्षेत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि प्रदूषण के कारण स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है तथा वन्यजीव भी प्रभावित हो रहे हैं।
स्वीकृत मात्रा की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने प्रशासन एवं पर्यावरण विभाग से मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कराकर फ्लाई ऐश की वास्तविक मात्रा का वैज्ञानिक तरीके से आकलन कराया जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि 1.60 लाख टन की स्वीकृत क्षमता के मुकाबले मौके पर कितनी मात्रा में फ्लाई ऐश डंप किया गया है। इसके अलावा मिट्टी, हवा, जलस्रोत और आसपास के पर्यावरण पर फ्लाई ऐश के प्रभाव की जांच कराने तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित उद्योग के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पर्यावरण विभाग एवं एम.एस.पी. उद्योग का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।



