पारिवारिक विवाद में बंटवारा ना कर पार्टनरों ने की मारपीट, हरबिलास के पुत्र आयुष को पैर में काटा, जान से मारने की दी धमकी, पांच लोगों के खिलाफ 18 अगस्त को नामजद रिपोर्ट दर्ज
रायगढ़. शहर के फ्रेडस कालोनी कोतरा रोड निवासी हरबिलास अग्रवाल ने श्री बांके बिहारी पावर एंड स्टील लिमिटेड एवं श्री बांके बिहारी इन्फ्राकॉम प्रा.लि. रायगढ़ के पार्टनर हैं, जिसका वर्किंग कार्य रायगढ़ में तथा रजिस्टर्ड आफिस रायपुर के सृष्टि गार्डन मकान नंबर 11, 12 में है। जिसके 3 डायरेक्टर हरबिलास अग्रवाल, सन्नी अग्रवाल, पवन अग्रवाल श्री बांके बिहारी पावर एडं स्टील लिमिटेड में है श्री बांके बिहारी इन्फ्राकॉम प्रा.लि. के डायरेक्टर हरबिलास अग्रवाल, सन्नी अग्रवाल, भोला प्रसाद अग्रवाल हैं, जिनका आपसी मतभेद अब उभर कर सामने आया है।
मामला विगत 8 अगस्त 2025 का है, जिस दिन सन्नी अग्रवाल द्वारा मेल के माध्यम से सूचना दिया गया कि 17 अगस्त 2025 को दोपहर करीबन 1.30 बजे तेलीबांधा सृष्टि गार्डन मकान नंबर 11-12 मे मिटिंग रखा गया है, जिसका एजेंडा कंपनी को पूर्ण रुप से कंट्रोल में लेना चाह रहे थे। जिसमे ममता अग्रवाल, आशा अग्रवाल, श्रेया अग्रवाल डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया जाना था। जिसका 10 अगस्त 2025 को मेल के माध्यम से हरविलास अग्रवाल द्वारा विरोध किया गया कि यह कंपनी के शेयर होल्डर के राइटर्स के विरूद्ध है। उक्त मेल का अन्य पार्टनरों ने कोई जवाब नही दिया तब 14 अगस्त 2025 को मेल के माध्यम से हमने मिटिंग की विडियो रिकार्डिंग एवं कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त करने सभी पेपर को भली भांति पूर्ण किया गया तब 16 अगस्त 2025 को सन्नी अग्रवाल द्वारा मेल किया गया कि विडियो रिकार्डिंग एवं कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त नहीं किया जा सकता लिखा गया।
तब मैं व मेरा पुत्र आयुष अग्रवाल 17 अगस्त 2025 को दोपहर करीबन 1.30 बजे में तेलीबांधा सृष्टि गार्डन मकान नंबर 11 पहुंचे तो मौके पर मयंक हम भी कंपनी में डायरेक्टर हैं कहते हुए मेरे बेटे आयुष अग्रवाल को मीटिंग से बाहर निकाल दिया और रूम का दरवाजा बंद कर दिया। मेरे द्वारा विरोध किया गया कि दिनांक 16 अगस्त 2025 को जो डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, उसकी दस्तावेज सहित जानकारी दी जाए तब मयंक अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल, पवन अग्रवाल, सभी ने एक राय होकर कोई पेपर-दस्तावेज नहीं मिलेगा बोलकर मुझसे जबरिया कोरे कागज पर व कुछ अन्य दस्तावेजों में बलपूर्वक हस्ताक्षर कराने कोशिश की गई। मेरे द्वारा हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। तब मयंक अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल, पवन अग्रवाल, सन्नी अग्रवाल चारों ने मिलकर मुझसे गाली गलौज की गई, जिसका मेरे द्वारा विरोध करने पर अजय अग्रवाल सहित सभी लोगों ने एक राय होकर हाथ-मुक्काें से मेरे साथ मारपीट की और मुझे मीटिंग रूम से बाहर निकाल दिया। बाहर खड़े मेरे बेटे आयुष ने यह सब देखा तो बीच-बचाव करने लगा तब उसके साथ भी मारपीट की गई। वहीं पवन अग्रवाल ने मेरे बेटे आयुष अग्रवाल के दोनों पैर को दांत से काटा व मारपीट में आयुष के सिर में भी चोट आई थी। मैं और मेरा बेटा वहां से मुश्किल से वहां से निकले और रायपुर स्थित अस्पताल में उपचार कराया। वहीं आयुष का इलाज रायगढ़ में कराया गया। घटना दिवस को मेरा ड्रायवर श्रवण सिदार मौके पर मौजूद था एवं आसपास के लोगों ने भी घटना को देखा। इलाज कराने के बाद 20 अगस्त 2025 को संबंधित क्षेत्र के थाना में घटना की विधिवत सूचना दी गई। मामले में पुलिस ने बीएनएनएस की धारा 294. 115 (2). 351(2). 118 और 3(5) के तहत संबंधित लोगों पर अपराध कायम किया गया। हालांकि इस धोखाधड़ी व मारपीट की घटना से घबराए मयंक अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल, पवन अग्रवाल, सन्नी अग्रवाल द्वारा हरविलास अग्रवाल के खिलाफ रायगढ़ के पूंजीपथरा थाना में धोखाधड़ी की फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
ज्ञात हो कि हरविलास अग्रवाल रायगढ़ के जाने-माने उद्योगपति हैं और लंबे समय से बांके बिहारी पावर एंड स्टील लिमिटेड तथा बांके बिहारी इन्फ्राकॉम प्राइवेट लिमिटेड का नेतृत्व कर रहे हैं। वे अपने व्यवसाय में पारदर्शिता, नियमों का पालन, कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देने और समाज सेवा के लिए जाने जाते हैं। उनके दोनों पुत्रों की छवि भी शहर में निर्विवाद मानी जाती है। हालांकि परिवार में उपजे इस विवाद के बाद चर्चाएं तेज हैं कि हरविलास और उनके पुत्रों को फंसाने की कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। बहरहाल, पूरा मामला अब कानून के हवाले है और सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी। इस बीच, हरविलास अग्रवाल ने अपने पक्ष को स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनका उद्देश्य केवल अपने परिवार और कंपनी की सुरक्षा करना था।




